लेक लाडकी योजना का आवेदन अब सीधे महाडीबीटी 2.0 पोर्टल पर, आंगनवाड़ी जाना जरूरी नहीं
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महिला व बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने बताया कि लेक लाडकी योजना की पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है और कागजात भी कम किए गए हैं।
लेक लाडकी योजना का फायदा लेने के लिए अब आवेदक सीधे महाडीबीटी 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। महिला व बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने यह जानकारी दी है। उनके मुताबिक आवेदन के रजिस्ट्रेशन से लेकर उसका स्टेटस देखने तक पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है। साथ ही जो कागजात जमा करने पड़ते थे, उनकी संख्या भी घटा दी गई है।
पहले का तरीका कुछ और था। आवेदक को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। इसके बाद ये आवेदन परियोजना स्तर पर इकट्ठा किए जाते थे और तब के पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन होता था। आगे चलकर आवेदनों की छानबीन होती थी और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाती थी। आवेदन देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र में खुद जाना अनिवार्य था।
अब सरकार की अलग-अलग योजनाओं को एक सुर में लाने के बारे में जो निर्देश आए हैं, उन्हीं के आधार पर लेक लाडकी योजना की प्रक्रिया में सुधार किया गया है। इसके लिए नई शासन प्रक्रिया पुनर्गठन, यानी जीपीआर, तैयार की गई है। इसके तहत आवेदकों को खुद ऑनलाइन आवेदन भरने की सुविधा दी गई है। आवेदन का रजिस्ट्रेशन, छानबीन, आवेदन की मंजूरी और लाभ की मंजूरी, इन सभी चरणों को सुव्यवस्थित किया गया है।
इस नई व्यवस्था से खासकर उन इलाकों के लाभार्थियों की दिक्कत दूर होगी, जहां आंगनवाड़ी केंद्र चालू नहीं हैं। राज्य के किसी भी क्षेत्र में रहने वाले लोग अब इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा आवेदक ने जो आवेदन दिया है, उसका मौजूदा स्टेटस भी ऑनलाइन देखने की सुविधा दी गई है।
योजना के तहत मिलने वाली लाभ की रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के खाते में जमा करने का फैसला पहले ही लिया जा चुका था। अब आवेदन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो जाने से योजना को लागू करने का एक अहम पड़ाव पूरा हो गया है। आज की तारीख तक लेक लाडकी योजना के तहत जिन लाभार्थियों को पहला लाभ मिल चुका है, उनकी संख्या 2,98,695 है।
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