जरांगे का सवाल: ऑडियो क्लिप में शिंदे का करियर खत्म करने की साजिश थी क्या, फडणवीस को पता था?
मनोज जरांगे पाटील ने जालना में कहा कि 500 करोड़ रुपये वाली ऑडियो क्लिप के मामले में AI का नाम लेकर बीजेपी बच नहीं सकती, और किसी भी एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की।
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मनोज जरांगे पाटील ने सोमवार को जालना में पत्रकारों से बात करते हुए 500 करोड़ रुपये और ऑडियो क्लिप वाले मामले पर खुलकर बोला। उनका कहना है कि इस मामले में AI को आगे करके बीजेपी बच निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ सकती।
जरांगे ने शक जताया कि क्या इस सबके जरिए एकनाथ शिंदे का राजनीतिक करियर खत्म करने की साजिश थी। उनके मुताबिक यह भी पता लगाना चाहिए कि यह सब करते वक्त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अंधेरे में रखा गया था या नहीं। उन्होंने कहा कि क्लिप में जो लोग बोल रहे हैं, उनके पीछे देश का कोई बड़ा नेता होना चाहिए, और इसका पता शिंदे साहब और फडणवीस साहब को लगाना चाहिए।
जरांगे ने साफ कहा कि इस मामले में शिंदे साहब के लिए जो भी कीमत चुकानी पड़े, वे उसके लिए तैयार हैं। इसके साथ ही मामले की तह तक पहुंचने के लिए वे देवेंद्र फडणवीस की भी मदद करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद अब एकनाथ शिंदे साहब चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि यह उन पर निजी वार है। जरांगे के शब्दों में, क्या उनका करियर खत्म करने का प्लान था? उन्होंने दावा किया कि उन्हें कल की जानकारी है कि यह सब फडणवीस साहब को बताए बिना किया गया। उनका कहना था कि फडणवीस साहब गहराई में जाएंगे तो समझ आएगा कि गेम उनके और एकनाथ शिंदे दोनों के खिलाफ था।
जरांगे ने कई सवाल उठाए। क्लिप में बोलने वाले लोग किसके हैं, यह किसका सिस्टम है, इनकी पीठ पर किसका हाथ है। उन्होंने कहा कि जो बैठक दिखती है, उससे पता चलता है कि ये लोग प्लानिंग करते हैं और नरेटिव सेट करते हैं। उनके हिसाब से इनके पीछे दिल्ली से कोई हाथ होना चाहिए, और बीजेपी से बड़ी कोई संस्था इनके साथ हो सकती है। जरांगे ने यह आरोप भी लगाया कि उनके खिलाफ बोलने वाले सभी लोगों को नोट दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसकी गहराई से जांच नहीं हुई, तो संदेश यही जाएगा कि पूरे मामले के पीछे देवेंद्र फडणवीस का ही हाथ था। जरांगे बोले कि उनके पास कोई मशीन नहीं है, तो वे AI वीडियो कैसे बनाएंगे, और क्या हर चीज को AI कह दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें बीजेपी के लोग थे, लेकिन असली सवाल यह है कि यह बात देवेंद्र फडणवीस को पता थी या नहीं। जरांगे के मुताबिक मराठी में AI से ऐसा कुछ बनाने जितने वे सक्षम भी नहीं हैं।
जरांगे ने कहा कि वे खुद भी इसकी खोज में हैं। वे चुप नहीं बैठेंगे, पता लगाकर रहेंगे, और अब इन लोगों के पीछे पड़ने वाले हैं।
सांसद संजय राउत ने अमित शाह को क्या पत्र दिया, यह जरांगे को नहीं मालूम। उन्होंने मांग की कि सत्ताधारी हों या विपक्ष के, सबकी जांच हो। ईडी से जांच कराइए या दूसरी एजेंसियों से कराइए, लेकिन ऐसी जांच एजेंसी बनाइए जिस पर कोई दबाव न आ सके।
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