दिया मिर्झा के दिवाली वीडियो पर बवाल, लेखा वॉशिंग्टन बोलीं: कम पटाखों की अपील गलत नहीं थी
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मुंबई महानगरपालिका की दिवाली जागरूकता मुहिम में दिया मिर्झा के वीडियो पर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। बीजेपी नेताओं ने आपत्ति जताई, तो लेखा वॉशिंग्टन ने अभिनेत्री का पक्ष लिया।
अभिनेत्री दिया मिर्झा के दिवाली जागरूकता वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए दिवाली कैसे मनाई जाए, इस पर क्रिकेटरों और फिल्म कलाकारों की मदद से एक जागरूकता मुहिम चल रही है। इसी मुहिम में कई सेलिब्रिटियों के वीडियो महापालिका की तरफ से पोस्ट किए गए थे। दिया मिर्झा का वीडियो भी मुंबई महानगरपालिका के जरिए पोस्ट हुआ था।
वीडियो सामने आने के बाद मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष अमित साटम ने एक्स पर पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि दिवाली कैसे मनाई जाए, इस बारे में दिया मिर्झा से सबक लेने की जरूरत नहीं है। साटम के मुताबिक हमारी परंपराएं और संस्कृति गहराई से जमी हुई हैं। मुंबई की महापौर रितू तावडे ने भी दिया मिर्झा के खिलाफ रुख लिया। तावडे ने कहा, "हमारा दिया मिर्झा को हमेशा विरोध रहेगा। दिया मिर्झा हमेशा हिंदू विरोधी भूमिका लेती है।"
इस राजनीतिक विवाद के बाद अब बॉलिवूड अभिनेता इमरान खान की गर्लफ्रेंड लेखा वॉशिंग्टन ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। लेखा ने कहा कि दिया ने वीडियो में पटाखों के खिलाफ संदेश दिया था। उनके शब्द थे, "हमारी परंपरा ही हमारी संस्कृति है, इस लाइन पर दिया से बुलवाकर हमने उसे चुप करा दिया। दिया ने कुछ गलत नहीं कहा था। उसने बस इतनी गुजारिश की थी कि हवा और ध्वनि प्रदूषण कम हो, इसलिए कम पटाखे फोड़ें।"
लेखा वॉशिंग्टन ने आगे सवाल उठाया, "उसने क्या कहा था? दिवाली में पटाखे फोड़ो, पर कम फोड़ो। पर्यावरण को लेकर ज्यादा जागरूक रहो, सोचो। इतनी सीधी अपील थी। फिर उसे चुप क्यों कराया?"
अब देखिए कि दिया मिर्झा ने वीडियो में क्या कहा था। मुंबई महानगरपालिका की प्रदूषण विरोधी दिवाली जागरूकता मुहिम के हिस्से के तौर पर दिया ने यह वीडियो रिकॉर्ड किया था। उन्होंने मुंबईकरों से इको फ्रेंडली दिवाली मनाने की अपील की थी और कहा था कि पटाखे फोड़कर हवा और ध्वनि का प्रदूषण न बढ़ाएं।
महापालिका ने दिया का वीडियो हटा दिया। उसके बाद दिया मिर्झा इस विवाद पर खुद बोली हैं। उन्होंने कहा, "अंधेरे पर रोशनी की जीत के तौर पर हम दिवाली मनाते हैं। लोगों में जागरूकता के लिए वह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। इसके पीछे और बेहतर ढंग से जश्न मनाने का मकसद था। हवा का प्रदूषण लोगों की सेहत से जुड़ा मुद्दा है।"
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