दिवाली से पहले निजी बसों का किराया दो-तीन गुना, पुणे RTO ने शुरू की जांच मुहिम
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
यात्रियों का आरोप है कि निजी टूरिस्ट बस वाले सामान्य दर से दो से तीन गुना किराया ले रहे हैं। कुछ रूट पर टिकट 7000 रुपये तक बताया गया है।
दिवाली नज़दीक आते ही निजी टूरिस्ट बसों के किराये को लेकर यात्रियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। यात्रियों का आरोप है कि बस ऑपरेटर आम दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना दाम वसूल रहे हैं। बताया गया है कि कुछ रूट पर टिकट 7000 रुपये तक पहुंच गया है।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और उनके विभाग को निशाना बनाया। उनका कहना है कि त्योहार के मौसम में किराये पर लगाम लगाने में विभाग नाकाम रहा। एक सोशल मीडिया यूज़र ने दावा किया कि एक रूट पर किराया 700 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये हो गया है।
X पर एक यूज़र ने लिखा, "क्या निजी बसों के टिकट के दाम पर कोई नियम नहीं है? किराया 6000 से 7000 रुपये तक पहुंच गया है, यानी लगभग हवाई जहाज़ के टिकट जितना। जो लोग आखिरी वक्त पर बुकिंग करते हैं, वे क्या करें? अपने पेइंग गेस्ट वाले कमरे में दिवाली मनाएं?" एक और X यूज़र ने पूछा कि मंत्री "सो रहे हैं या सोने का नाटक कर रहे हैं"।
एक यूज़र ने कुछ बुकिंग ऐप के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि मुंबई और पुणे जैसे शहरों में लोग साल भर मेहनत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि दिवाली पर परिवार के साथ कुछ खुशी के पल बिता सकें। उसने सवाल किया कि टिकट का दाम 700 रुपये से 4000 रुपये कैसे हो सकता है।
इन शिकायतों के बीच पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने 1 नवंबर से निजी कॉन्ट्रैक्ट बसों के खिलाफ खास जांच अभियान शुरू किया है। मकसद ज़्यादा किराया वसूली पर रोक लगाना है। यह अभियान 20 नवंबर 2026 तक चलेगा।
RTO अधिकारियों के मुताबिक निजी बसें उसी श्रेणी की महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) की बसों के किराये से डेढ़ गुना से ज़्यादा नहीं ले सकतीं। ऑपरेटरों को अपनी गाड़ी के अंदर किराये की सूची भी लगानी होती है। अधिकारियों ने कहा कि ज़्यादा किराया लेते पाए जाने वाले ऑपरेटरों पर कार्रवाई होगी।
जांच टीमें परमिट भी देखेंगी। इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि बस में तय क्षमता से ज़्यादा सवारियां तो नहीं बैठाई गईं और ज़रूरी सुरक्षा उपकरण लगे हैं या नहीं।
अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा किराये की शिकायत यात्री RTO की हेल्पलाइन 1800-22-0110 पर कर सकते हैं। शिकायत करते वक्त बस की जानकारी और टिकट की तस्वीरें देनी होंगी। इस मामले पर टिप्पणी के लिए परिवहन आयुक्त राजेश नारवेकर से संपर्क नहीं हो सका।
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