अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए चुने गए 12 खिलाड़ियों को सरकार देगी दो-दो लाख रुपये
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए चुने गए राज्य के 12 खिलाड़ियों के लिए 24 लाख रुपये का फंड मंजूर किया है। हर खिलाड़ी को 2 लाख रुपये मिलेंगे।
महाराष्ट्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए चुने गए राज्य के 12 खिलाड़ियों को आर्थिक मदद देने जा रही है। इसके लिए कुल 24 लाख रुपये का फंड मंजूर किया गया है। हर खिलाड़ी के हिस्से में 2 लाख रुपये आएंगे। यह पैसा ट्रेनिंग और स्पर्धाओं से जुड़े खर्च के लिए दिया जाएगा।
इस फैसले के पीछे तीन मकसद बताए गए हैं। राज्य के खेल क्षेत्र को और मजबूत करना, होनहार खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहारा देना।
खेल व युवक सेवा संचालनालय ने वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए पात्र खिलाड़ियों से मिले आवेदनों की जांच की थी। जांच के बाद संचालनालय ने अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को भेजी थीं।
उपमुख्यमंत्री और खेल व युवक कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में 5 अगस्त को एक बैठक हुई। इसी बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह रकम वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंजूर किए गए फंड से बांटी जाएगी।
इन 12 खिलाड़ियों में जिम्नास्टिक्स, घुड़सवारी, तीरंदाजी, वॉलीबॉल, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-साइक्लिंग के खिलाड़ी शामिल हैं।
लाभार्थी खिलाड़ियों के नाम इस तरह हैं। जिम्नास्टिक्स में सोहम संजोग ढोले। पैरा-बैडमिंटन में आरती ज्ञानोबा पाटील, निलेश बाळू गायकवाड, प्रेमकुमार आले, यशोधन विजयकुमार रावणकुळे और लताबाई परमेश्वर उमरेकर। घुड़सवारी में हृदय विपुल छेडा। तीरंदाजी में रेयान तौफिक सिद्दिकी और वैष्णवी बाबाराव पवार। पैरा-एथलेटिक्स में दिलीप महादू गावित। पैरा-साइक्लिंग में विशाल सुरेश शेलार। वॉलीबॉल में महेश्वरी प्रशांत भवसकर।
हर खिलाड़ी को मंजूर किए गए कारणों के लिए 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
पैसे के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए भी इंतजाम किया गया है। राज्य सरकार ने खेल व युवक सेवा संचालनालय को निर्देश दिया है कि मंजूर की गई मदद सिर्फ तय किए गए मकसद के लिए ही खर्च हो।
खिलाड़ियों की पात्रता जांचना, यह पक्का करना कि तय प्रक्रिया का पालन हो रहा है और पैसा किस काम में लगा, इसकी जानकारी देने वाले उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा कराना, यह जिम्मेदारी भी संचालनालय को सौंपी गई है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।