वसई में गरम मॅस्टिक पर स्कूटी फिसली, बॅरिकेड न होने से मां-बेटी गंभीर घायल
पालघर जिले के वसई में पालिका के ठेकेदार पर सुरक्षा उपायों में लापरवाही का आरोप, डायलेसिस के लिए जा रही मां और उसकी बेटी हादसे का शिकार बनीं
वसई में सड़क की पॅचवर्क का काम चलते वक्त जरूरी सुरक्षा इंतजाम न होने की वजह से एक मां-बेटी बुरी तरह घायल हो गईं। पाले रोड पर दर्गे के पास सड़क पर गरम मॅस्टिक बिछाया गया था, मगर वहां गाड़ी चलाने वालों को सावधान करने के लिए न कोई बॅरिकेड लगा था, न कोई सूचना फलक। यह दावा खुद घायलों ने किया है।
शनिवार, 19 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे की यह घटना है। सोनाली नार्झेथ मिर्ची अपनी 58 साल की मां सुशीला मिर्ची को डायलेसिस के लिए अस्पताल ले जा रही थीं। दोनों वसई किला बंदर से स्कूटी पर नायगांव की तरफ जा रही थीं, तभी पाले रोड पर दर्गे के पास यह हादसा हुआ।
घायलों के मुताबिक, सुबह के अंधेरे में सड़क पर बिछा गरम मॅस्टिक दिख ही नहीं पाया। गाड़ी चलाने वालों को पहले से खतरे की कोई जानकारी देने का इंतजाम भी नहीं था। स्कूटी मॅस्टिक पर पहुंचते ही उसका टायर चिपक गया, टायर फटने से गाड़ी पर कंट्रोल छूट गया, और उसके बाद सोनाली और उनकी मां सड़क पर गिर पड़ीं।
गरम मॅस्टिक पर गिरने से सोनाली के हाथ-पैर बुरी तरह जल गए, वहीं सुशीला मिर्ची के सिर पर गंभीर चोट आई, ऐसा बताया गया है। हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुशीला मिर्ची का मीरा रोड के एक अस्पताल में तीन दिन इलाज चला।
मां-बेटी का आरोप है कि सड़क की पॅचवर्क का काम करते वक्त लोगों की सुरक्षा के लिए बॅरिकेड और सूचना फलक लगाना जरूरी होता है, लेकिन संबंधित ठेकेदार ने इसमें पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। उन्होंने इस कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
घायलों का कहना है कि सड़क का पॅचवर्क या मरम्मत का काम चलते समय गाड़ी चलाने वालों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बॅरिकेड, सूचना फलक और जरूरी चेतावनी देना जरूरी होता है, लेकिन हादसे की जगह पर ऐसी कोई सावधानी नहीं बरती गई थी।
पालिका के संबंधित ठेकेदार की कथित लापरवाही की वजह से ही यह हादसा हुआ, ऐसा आरोप मां-बेटी ने लगाया है और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद सड़क का काम करते वक्त ठेकेदारों की तरफ से लोगों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।