वर्सोवा से गोरेगाव बांगूरनगर तक 8 लेन का उन्नत मार्ग, 50 मिनट का सफर 10 से 15 मिनट में
मुंबई महानगरपालिका और MSRDC वांद्रे से गोरेगाव के बीच सागरी सेतु और उन्नत मार्ग बना रहे हैं। काम समय पर पूरा हुआ तो 2029 से सफर तेज होगा।
मुंबई में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और सफर का वक्त बचाने के लिए मुंबई महानगरपालिका और महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ (एमएसआरडीसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। मिली जानकारी के मुताबिक वांद्रे से गोरेगाव (बांगूरनगर) तक का रास्ता आसान करने के लिए कई सागरी सेतु और उन्नत मार्गों का जाल बिछाया जा रहा है। ये प्रोजेक्ट तय वक्त में पूरे हो गए तो 2029 से मुंबईकरों का सफर काफी तेज और आरामदेह हो जाएगा।
मुंबई महापालिका ने उत्तर मुंबई किनारा रस्ता प्रकल्प के तहत वर्सोवा से दहिसर-भाईंदर किनारा मार्ग का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ में लिया है। इसके टप्पा-ए में वर्सोवा आंतरबदल मार्गिका से गोरेगाव बांगूरनगर तक साढ़े चार किलोमीटर (4.54 किमी) का उन्नत मार्ग बन रहा है। 8 मार्गिकाओं वाले इस पुल की चौड़ाई करीब 45 मीटर है, जबकि मुख्य उन्नत मार्ग की लंबाई 4.3 किलोमीटर है।
महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने हाल ही में पूरे इलाके का दौरा कर काम का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि समय-सीमा का पालन करते हुए काम वक्त पर पूरा करें। फिलहाल इस इलाके में खंभे खड़े करने का काम चल रहा है और नींव के चरण कामयाबी से पूरे हो चुके हैं।
महापालिका के इस प्रोजेक्ट को एमएसआरडीसी के वांद्रे से वर्सोवा सागरी सेतु का साथ भी मिलेगा। 17 किलोमीटर लंबा यह सागरी सेतु वांद्रे-वरळी सी-लिंक से जुड़ेगा और इसका काम फिलहाल तेजी से चल रहा है। दोनों अहम प्रोजेक्ट दिसंबर 2028 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। काम पूरा होने के बाद वांद्रे से वर्सोवा और आगे गोरेगाव तक का सफर तेज रास्ते से हो सकेगा।
अभी वर्सोवा से गोरेगाव या बांगूरनगर के बीच जाने वाले वाहन चालकों को लिंक रोड या एस.व्ही. रोड पर भारी ट्रैफिक जाम झेलना पड़ता है। इस सफर में फिलहाल 40 से 50 मिनट या उससे ज्यादा लग जाते हैं। नया आठ मार्गिका वाला उन्नत मार्ग और सागरी सेतु बन जाने के बाद यही सफर सिर्फ 10 से 15 मिनट में पूरा हो सकेगा। इसके अलावा पश्चिम द्रुतगती महामार्ग पर पड़ने वाला दबाव घटाने में भी बड़ी मदद मिलेगी।