वर्धा कोर्ट ने नरखेड के भिमराव पाटील को पोक्सो केस में 20 साल की सश्रम कैद सुनाई
वर्धा के जिला व सत्र न्यायाधीश ने कारंजा पुलिस स्टेशन के अपराध क्रमांक 382/24 में आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास और 20000 रुपये जुर्माने की सजा दी।
वर्धा की डि.जे.3 जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीमती अन्सारी ने पोक्सो कानून के एक मामले में आरोपी को सजा सुनाई है। आरोपी का नाम भिमराव खुशाल पाटील उर्फ भन्तेजी है। उसकी उम्र 55 साल है और वह लोहारी सावंगा, तहसील नरखेड, जिला नागपुर का रहने वाला है।
मामला कारंजा पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 382/24 के तहत दर्ज हुआ था। इसमें भारतीय दंड विधान की धारा 376 (3) (एन) और 376 (अब) के साथ पोक्सो की धारा 4 और 6 लगाई गई थीं।
कोर्ट ने धारा 376 (3), 376 (अव) और पोक्सो की धारा 6 में आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा दी। इसके साथ 20000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर आरोपी को एक साल साधारण कारावास काटना होगा।
मामले की थोड़ी जानकारी यह है कि आरोपी कारंजा (घाडगे) तहसील के काकडा में बौद्ध विहार में भन्तेजी बनकर रहता था। आरोप है कि उसने एक नाबालिग बच्ची को विहार के पीछे वाले कमरे में बुलाया, दरवाजा बंद किया और उसके साथ यौन अत्याचार किया। बच्ची की माँ ने पुलिस में रिपोर्ट दी। उसी रिपोर्ट पर कारंजा पुलिस स्टेशन में ऊपर बताई गई धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
केस की जाँच सपोनि धनश्री कुटेमाटे ने की। जाँच पूरी होने पर उन्होंने कोर्ट में दोषारोपपत्र दाखल किया। सरकार की तरफ से सरकारी अभियोक्ता श्री प्रसाद सोईतकर ने पूरी सुनवाई संभाली।
सफौ पंचम कोटगिरवार, बकल नंबर 470 ने गवाहों को समय समय पर कोर्ट में हाजिर कराया। सोईतकर के साथ उनकी यह भूमिका अहम रही। कारंजा पुलिस स्टेशन के ठाणेदार, पुलिस निरीक्षक श्री प्रल्हाद मदन ने भी गवाहों को आरोपी के खिलाफ असरदार गवाही देने के लिए बार बार ब्रीफिंग की और सही मार्गदर्शन दिया।
जज अन्सारी ने इस मामले में शिकायत करने वाली माँ, पीड़िता और जाँच अधिकारी की गवाही परखी। इसके बाद उपलब्ध सबूतों के आधार पर उन्होंने आरोपी को धारा 376 (3), 376 (अब) और पोक्सो की धारा 4 और 6 में 20 साल सश्रम कारावास, 20000 रुपये जुर्माने और जुर्माना न भरने पर एक साल साधारण कारावास की सजा सुनाई।
यह जानकारी स्थानीय गुन्हे शाखा, वर्धा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी की तरफ से दी गई।