मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:02 IST

उमरगा में बनावटी शराब का धंधा पकड़ा गया, दो हिरासत में, चार लाख की मुद्देमाल जब्त

उमरगा तालुका के येणेगुर इलाके में नकली देसी-विदेशी शराब बनाने और बेचने के मामले में मुरूम पुलिस ने कार्रवाई की।

उमरगा में बनावटी शराब का धंधा पकड़ा गया, दो हिरासत में, चार लाख की मुद्देमाल जब्त
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

उमरगा तालुका के येणेगुर परिसर में बनावटी देसी-विदेशी शराब बनाकर उसकी तस्करी और बिक्री होने का मामला मुरूम पुलिस की कार्रवाई में सामने आया है। पुलिस ने सोलापुर-येणेगुर रोड पर जाल लगाकर बुधवार रात शराब लेकर जा रही गाड़ी पकड़ी।

इस कार्रवाई में १९ बॉक्स और ८ बोतल शराब के साथ-साथ गाड़ी भी जब्त की गई। कुल मिलाकर ४ लाख ३३ हजार ४० रुपये का मुद्देमाल जब्त हुआ है। इस मामले में अमर प्रकाश येडगे (रहने वाला येणेगुर) और काशीनाथ दिगंबर देवकर (रहने वाला करवंजी) के खिलाफ दारूबंदी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस को शक है कि अमर येडगे इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार है। उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं, और येणेगुर में तैयार होने वाली बनावटी देसी-विदेशी शराब जिले के बाहर या और कहीं भेजी जाती थी या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है।

मुरूम पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश पाटील की अगुवाई वाली टीम ने येणेगुर में सोलापुर-येणेगुर रोड पर जाल लगाया था। इसी दौरान एमएच २५ झेड ३००० नंबर की गाड़ी पुलिस की नजर में आई। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा करके सुपतगाव शिवार में गाड़ी रोक ली। तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में शराब का जखीरा मिला। पुलिस ने शराब के साथ गाड़ी जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

येणेगुर में बनने वाली यह बनावटी शराब सिर्फ लोकल लेवल पर बिकती थी या अलग-अलग जिलों में सप्लाई होती थी, इसकी जांच चल रही है। यह कथित रैकेट कितना बड़ा है और इसके पीछे और कौन लोग हैं, यह आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच में साफ होगा।

पुलिस अधीक्षक रीतू खोकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिन पांडकर के मार्गदर्शन में, साथ ही उमरगा डिवीजनल पुलिस अधिकारी प्रशांत संपते की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। मुरूम पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश पाटील की टीम में अमर महानुरे, ड्राइवर विलास सहाने, मिलिंद साखळे और उमरगा पुलिस स्टेशन के संतोष बोयणे, बिराजदार समेत कई पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल थे।

बनावटी शराब बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था, शराब असल में कहां तैयार होती थी, किस ब्रांड के नाम से वह बाजार में भेजी जाती थी, बोतलें, ढक्कन और लेबल कहां से मिलते थे, और यह माल किसे सप्लाई किया जाता था, इसकी जांच अहम मानी जा रही है। इस कथित मामले में और कौन साथी, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर या बेचने वाले शामिल हैं, इसकी भी जांच की जाएगी।

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