थाई बॉक्सिंग: आकुर्डी में 370 खिलाड़ी उतरे, पिंपरी-चिंचवड बना चैंपियन
पुणे विभागस्तरीय थाई बॉक्सिंग स्पर्धा में पिंपरी-चिंचवड की टीम पहले, अहिल्यानगर दूसरे और सोलापुर तीसरे स्थान पर रही।
आकुर्डी के बीना स्पोर्ट्स क्लब के सभागृह में रविवार (20 तारीख) को पुणे विभागस्तरीय थाई बॉक्सिंग स्पर्धा का आयोजन हुआ, जिसमें पिंपरी-चिंचवड शहर की टीम ने अपना दबदबा बनाए रखते हुए सबसे शानदार प्रदर्शन के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में अहिल्यानगर की टीम उपविजेता रही, जबकि सोलापुर की टीम तीसरे नंबर पर आई।
पुणे विभाग के सात जिलों से कुल 370 खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में हिस्सा लिया। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों अलग-अलग उम्र और वजन के ग्रुप में उतरे। रिंग में हुई कांटे की टक्कर वाली लड़ाइयों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीकी कौशल, फुर्ती, जज्बा और शानदार खेल भावना दिखाई।
यह स्पर्धा महाराष्ट्र थाई बॉक्सिंग असोसिएशन की आधिकारिक मान्यता के तहत हुई। इसका आयोजन बीना इंग्लिश मीडियम स्कूल और बीना स्पोर्ट्स क्लब ने मिलकर किया, और इसमें पिंपरी-चिंचवड थाई बॉक्सिंग असोसिएशन का भी सहयोग रहा।
स्पर्धा में शानदार खेल दिखाने वाले सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को मौजूद मान्यवरों के हाथों पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही आने वाली राज्य और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भी दी गईं। पारितोषिक वितरण के मौके पर मान्यवरों ने कहा कि थाई बॉक्सिंग जैसे खेल से युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, हिम्मत और खेल भावना की जबरदस्त परवरिश होती है, और ऐसी स्पर्धाएं खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणा बनती हैं।
स्पर्धा के उद्घाटन के मौके पर बीना स्कूल के संस्थापक-अध्यक्ष अजहर खान, शहाजी आतार, पिंपरी-चिंचवड अल्पसंख्यक राष्ट्रवादी के कार्याध्यक्ष यूसुफ कुरेशी, पिंपरी-चिंचवड राष्ट्रवादी के अध्यक्ष तथा भारतीय थाई बॉक्सिंग महासंघ के पी. वाय. आतार, बीना स्पोर्ट्स क्लब के अखमल खान, पी. के. स्कूल के स्पोर्ट्स प्रमुख राहुल कोरे समेत खेल जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।
पूरी स्पर्धा का तकनीकी कामकाज पुणे विभाग थाई बॉक्सिंग की अध्यक्ष प्रियंका मट्टी की देखरेख में हुआ। राष्ट्रीय पंच नाझीम शेख, अरबाज शेख, किरण माने, गायकवाड कारभारी और स्वप्निल वारुळे ने मुख्य पंच के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। स्पर्धा की कामयाब तैयारी में गणेश मांढरे और अभिषेक शिंदे की अहम भूमिका रही, वहीं पूरे कार्यक्रम का संचालन रविराज गाढवे ने किया।