ताडोबा में बनेगा 25 हेक्टेयर का फाइव स्टार वाइल्डलाइफ सफारी हब, MTDC का प्लान तैयार
MTDC ने ताडोबा को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान देने की तैयारी शुरू कर दी है, 25 हेक्टेयर में फाइव स्टार रिसॉर्ट और सफारी हब बनेगा।
राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए MTDC ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत राज्य के पाँच बड़े पर्यटन स्थलों को उनकी अलग-अलग खासियतों के हिसाब से विकसित किया जा रहा है, और इसी लिस्ट में विदर्भ का मशहूर ताडोबा भी शामिल है।
ताडोबा में 25 हेक्टेयर जमीन पर एक शानदार पांच सितारा टूरिज्म रिसॉर्ट खड़ा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती सर्वे का काम चालू हो चुका है और जल्द ही इसका मास्टर प्लान भी बनकर तैयार हो जाएगा।
नागपुर संभाग के पर्यटन नक्शे पर ताडोबा को सबसे अहम जगह माना जाता है। इसी वजह से यहां सिर्फ रिसॉर्ट ही नहीं, बल्कि 25 हेक्टेयर के इसी दायरे में एक पूरा 'वाइल्डलाइफ सफारी हब' भी डेवलप किया जाएगा। यह वर्ल्ड क्लास फाइव स्टार सुविधाओं वाला प्रोजेक्ट होगा।
पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां फाइव स्टार लक्जरी विला बनेंगे, साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और इको लॉज जैसी आधुनिक सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी। इस पूरे इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट के बन जाने के बाद ताडोबा आने वाले टूरिस्ट्स को प्रकृति की खूबसूरती के साथ-साथ मौज-मस्ती का भी शानदार अनुभव मिलेगा।
नागपुर शहर से नजदीकी और सीधी कनेक्टिविटी होने की वजह से यह प्रोजेक्ट पूरे संभाग की इकोनॉमी और पर्यटन को नई दिशा दे सकता है। नागपुर के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाले देसी और विदेशी टूरिस्ट अब सीधे ताडोबा आकर इंटरनेशनल लेवल की लग्जरी सुविधाओं का मजा ले सकेंगे।
इस मेगा प्रोजेक्ट से नागपुर और चंद्रपुर एरिया के युवाओं के लिए भी रोजगार के नए मौके बनेंगे, खासकर हॉस्पिटैलिटी, गाइडिंग, ट्रांसपोर्टेशन और लोकल हैंडीक्राफ्ट के सेक्टर में।
सिर्फ ताडोबा ही नहीं, महाराष्ट्र राज्य के बाकी पर्यटन स्थलों पर भी बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है। महाबलेश्वर में 6.07 हेक्टेयर पर 4-स्टार रिसॉर्ट बनेगा, हरिहरेश्वर में 5.98 हेक्टेयर पर 3-स्टार प्रोजेक्ट तैयार होगा, मिथबाव में 4.85 हेक्टेयर पर कोस्टल टूरिज्म हब के साथ बोटिंग और हेरिटेज स्टे की सुविधा मिलेगी, और माथेरान में पर्यावरण के अनुकूल हेरिटेज रिसॉर्ट डेवलप किया जाएगा। पर्यटन के जानकारों का कहना है कि इस पूरी पहल से विदर्भ समेत पूरे राज्य के पर्यटन कारोबार को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।