सीनियर सिटिज़न की FD पर छोटी बैंकें बड़ी बैंकों से ज़्यादा ब्याज दे रहीं, 8.50 फीसदी तक
अक्टूबर 2026 तक कुछ छोटी बैंकें चुनिंदा अवधि की FD पर 8.50 फीसदी तक ब्याज दे रही हैं, जबकि HDFC और ICICI बैंक के रेट इससे कम हैं।
कमाई का एक हिस्सा हम सब बचत में डालते हैं और बचत के कई विकल्पों में से एक है FD। कौन-सी बैंक में FD करवाएं और कहां अच्छा ब्याज मिलेगा, यह सोचकर ही लोग पैसा लगाते हैं। लेकिन यह सवाल हमेशा उठता है कि क्या बड़ी बैंकों के मुकाबले छोटी बैंकें सच में ज़्यादा फायदा देती हैं।
बड़ी बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित माना जाता है। फिर भी ज़्यादा ब्याज ढूंढने वाले सीनियर सिटिज़न को छोटी बैंकों से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। अक्टूबर 2026 तक कुछ बैंकें चुनिंदा अवधि की FD पर 8.50 फीसदी तक ब्याज दे रही हैं।
सीनियर सिटिज़न में FD बचत का लोकप्रिय तरीका है। बाज़ार के उतार-चढ़ाव का इस पर सीधा असर नहीं पड़ता और ब्याज पहले से तय रहता है। हाल की जानकारी के मुताबिक HDFC बैंक और ICICI बैंक में सीनियर सिटिज़न को एक साल की FD पर करीब 6.75 फीसदी और तीन साल की FD पर करीब 6.95 फीसदी ब्याज मिल रहा है। दोनों बैंकों में पांच साल का रेट करीब 6.90 फीसदी है।
लेकिन यही रेट छोटी प्राइवेट बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों से मिलाएं तो तस्वीर अलग दिखती है। कुछ छोटी बैंकें लंबी या खास अवधि के लिए 7.5 फीसदी से ज़्यादा ब्याज दे रही हैं।
ताज़ा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक DCB बैंक सीनियर सिटिज़न को पांच साल की FD पर 8 फीसदी तक ब्याज देती है। बंधन बैंक खास अवधि के लिए 7.50 फीसदी से 7.75 फीसदी तक ब्याज देती है, जबकि SBM बैंक का सबसे ऊंचा रेट 8.15 फीसदी तक पहुंचता है। येस बैंक और इंडसइंड बैंक भी चुनिंदा अवधि के लिए 7.75 फीसदी तक ब्याज दे रही हैं।
जना स्मॉल फाइनेंस की कुछ FD पर सीनियर सिटिज़न 8.30 फीसदी तक ब्याज पा सकते हैं। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस की कुछ पांच साल की FD पर इससे भी ज़्यादा, 8.50 फीसदी तक के रेट बताए गए हैं।
तो क्या ज़्यादा ब्याज देखकर फौरन पैसा लगा देना ठीक है? सिर्फ ब्याज के भरोसे FD चुनना समझदारी नहीं है। पैसा लगाने से पहले बैंक की शर्तें, FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाला चार्ज और डिपॉज़िट इंश्योरेंस जैसी बातें देखना ज़रूरी है। सीनियर सिटिज़न, खासकर जो बड़ी रकम लगा रहे हैं, अलग-अलग बैंकों की तुलना ज़रूर करें।
यानी अगर ज़्यादा रिटर्न पहली प्राथमिकता है तो छोटी बैंकें आकर्षक विकल्प हो सकती हैं। वहीं HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसी बड़ी बैंकें अपनी जानी-पहचानी बैंकिंग सेवाओं और आसान उपलब्धता की वजह से कई निवेशकों की पसंद बनी रह सकती हैं।