तडीपार गुन्हेगार बल्लारपूर के अस्पताल में घुसा, डॉक्टरों से झगड़ा, पुलिस ने पकड़ा
चंद्रपूर जिले से एक साल के लिए तडीपार किए गए आरोपी को बल्लारशाह पुलिस ने ग्रामीण अस्पताल से रंगेहाथ पकड़ा।
बल्लारपूर के ग्रामीण अस्पताल में आधी रात को हंगामा मचाने वाले एक तडीपार गुन्हेगार को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी योगेश शंकर येरोल, उम्र 25 साल, रविंद्र नगर वार्ड, बल्लारपूर का रहने वाला है। वह चंद्रपूर जिले से एक साल के लिए तडीपार किया गया था, लेकिन आदेश की परवाह किए बिना वापस शहर में आ गया और अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों से भिड़ गया।
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज योगेश येरोल की गुंडागर्दी पर लगाम कसने के लिए चंद्रपूर के पुलिस अधीक्षक ने 18 मई 2026 को महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 55 के तहत उसे जिले से एक साल के लिए तडीपार करने का आदेश दिया था। इस आदेश पर अमल करते हुए 23 मई 2026 को उसे तेलंगाना के आसिफाबाद जिले के जनकपुर में छोड़ा गया था। लेकिन आरोपी ने पुलिस अधीक्षक के इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए, बिना किसी पूर्व अनुमति के फिर से शहर में एंट्री मार ली।
शनिवार को आधी रात के करीब योगेश येरोल अचानक बल्लारपूर के ग्रामीण अस्पताल में घुस गया और वहां हंगामा करते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों से बहस करने लगा। इसकी सूचना 'डायल 112' के जरिए गश्त पर तैनात पुलिस को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपनिरीक्षक उमेश जोगदंड अपने साथी पुलिसकर्मी सत्यवान कोटनाके, पंकज शिंदे, सचिन अल्लेवार, संदीप थेरे और शांतकुमार घोसे तथा दो पंचों को लेकर तुरंत अस्पताल की तरफ रवाना हुए।
पुलिस टीम के अस्पताल पहुंचते ही योगेश येरोल वहां परिसर में संदिग्ध हालत में घूमता हुआ दिखा। टीम ने बिना देर किए उसे घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने जब उससे जिले में मौजूद रहने के बारे में पूछताछ की तो उसके पास कोई वैध वजह या परमिशन नहीं थी। तडीपारी के आदेश का खुलेआम उल्लंघन साबित होने पर पुलिस उपनिरीक्षक उमेश जोगदंड की शिकायत पर बल्लारशाह पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 142 के तहत केस दर्ज किया गया।
पुलिस निरीक्षक बिपीन इंगळे की देखरेख में पुलिस हवलदार सत्यवान कोटनाके इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। रात के वक्त सरकारी अस्पताल में हुई इस घटना से वहां के स्टाफ में कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की फुर्ती से आगे कोई बड़ी घटना टल गई।