सूरत: पत्नी को फंसाने के लिए झूठी जानकारी देने का आरोप, जांच में तीन हत्याओं का खुलासा
पुलिस का दावा है कि पति और पत्नी दोनों का तीन हत्याओं से संबंध निकला है, दोनों अरेस्ट।
पत्नी से अलग होने के बाद उसे और उसके रिश्तेदारों को हत्या के मामले में फंसाने के लिए पति ने पुलिस को झूठी जानकारी दी, ऐसा जांच में सामने आया है। लेकिन उसी जानकारी के आधार पर शुरू हुई जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने एक चौंकाने वाला सच खुल गया। पुलिस का दावा है कि जांच में पति और पत्नी दोनों का तीन हत्याओं से संबंध निकला है।
इस मामले में पुलिस ने माधवदास भक्तिराम साधू और उसकी अलग रह रही पत्नी उर्मिला उर्फ जया माधवदास साधू को अरेस्ट किया है। जांच में सामने आया है कि मरने वालों में उर्मिला की दादी, उसकी बहन और माधवदास की मां शामिल हैं।
मामला सूरत से जुड़ा है। साल 2022 में अहमदाबाद शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच की डिटेक्शन यूनिट को सूरत के पास कोसंबा में शांता वसावा की हत्या कर उनकी लाश घर में दबाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी जानकारी पर पुलिस ने एक पुरुष रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, मगर उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं मिला। इसके बाद पुलिस का शक माधवदास की ओर गया।
पुलिस जांच के मुताबिक माधवदास और उर्मिला करीब आठ महीने से अलग रह रहे थे। उर्मिला घर से जाते वक्त गहने और नकदी साथ ले गई थी, इसलिए माधवदास उससे नाराज था। पुलिस का दावा है कि इसी वजह से उसने उर्मिला और उसके रिश्तेदारों को हत्या के मामले में फंसाने के लिए झूठी जानकारी दी।
पूछताछ के दौरान पुलिस को और चौंकाने वाली जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि तीन हत्याएं माधवदास और उर्मिला की भागीदारी से हुईं। आरोप है कि 2022 में शांता वसावा की हत्या के बाद उनकी लाश को ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट भरा गया और फिर ड्रम को गड्ढे में दबा दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने जमीन के नीचे दबी लाश को कानूनी प्रक्रिया के तहत बाहर निकाला है।
उर्मिला की बहन भगवती कमलेश वसावा को टीबी की बीमारी थी। पुलिस जांच के मुताबिक उसके मुंह पर तकिया दबाकर उसकी हत्या की गई और लाश जमीन में दबा दी गई। इसके अलावा माधवदास की मां और उर्मिला की सास मंजुळा भक्तिराम साधू को भी लकवे की गंभीर बीमारी थी। पुलिस का दावा है कि उनकी भी तकिया दबाकर हत्या की गई। बताया जाता है कि जांच में यह भी सामने आया कि सबूत मिटाने के लिए जल्दबाजी में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तीन हत्याओं का पता चलने के बाद पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी, सबूतों और लाशों के अवशेषों की जांच शुरू कर दी है। तीनों हत्याओं के पीछे असली मकसद क्या था, इनमें किसी और का हाथ था या नहीं और सबूत मिटाने के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए गए, इसकी जांच जारी है। चार साल पहले की एक झूठी जानकारी से शुरू हुई जांच सीधे तीन हत्याओं तक पहुंची है, इसलिए मामले का दायरा और बढ़ने की संभावना है।