सिंधुदुर्ग की 900 करोड़ की जमीन डील पर राऊत के आरोप, नितेश राणे बोले पहले रिपोर्ट आने दो
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत के आरोपों के बाद मंत्री नितेश राणे ने पलटवार किया, कहा जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर सत्ताधारी और विपक्ष के बीच पहले से ही तकरार चल रही थी, और अब सिंधुदुर्ग जिले में कथित तौर पर हुई 900 करोड़ रुपए की जमीन डील को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने कोकण के एक मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच की मांग की है। कहा जा रहा है कि राऊत ने मंत्री नितेश राणे का नाम सीधे लिए बिना ही यह टीका की। राऊत के इन आरोपों के बाद नितेश राणे ने भी जोरदार जवाब दिया है।
नितेश राणे ने राऊत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहले जांच की रिपोर्ट आने दी जाए। उनका कहना है कि कुछ भी गलत नहीं हुआ है और राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय संबंधित जीआर और सरकारी फैसले को समझने की जरूरत है।
राणे ने राऊत पर कड़े शब्दों में निशाना साधते हुए कहा, "किसी ने कुछ गलत नहीं किया है। पहले रिपोर्ट आने दो... उस दिन संजय राऊत का मुंह काला करने के लिए कहीं ना कहीं ढूंढना पड़ेगा।"
बताया जा रहा है कि इस जमीन डील की जांच कोकण विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में चल रही है। नितेश राणे ने भी कहा है कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है।
अपने 'X' अकाउंट से इस मामले पर बोलते हुए नितेश राणे ने लिखा, "आज संजय राऊत जी ने सिंधुदुर्ग जमीन व्यवहार को लेकर सही मुद्दा उठाया है... बिल्कुल पीछे मत देखिए... बोलते रहिए... फिर देखिए आखिर किसका वस्त्रहरण होता है! संजय राजाराम राऊत आगे बढ़ो.. हम तुम्हारे साथ हैं!"
नितेश राणे की इस पोस्ट से इस कथित गड़बड़ी को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है, और अब यह देखना अहम होगा कि इससे क्या निकलकर सामने आता है।
दरअसल संजय राऊत ने सिंधुदुर्ग जिले के वेंगुर्ला, सावंतवाडी और दोडामार्ग इलाके में करीब 900 करोड़ रुपए की कृषि जमीन के सौदे का मुद्दा उठाया था। उनके आरोप के मुताबिक, किसान न होने के बावजूद बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद के धनी लोगों को ये जमीनें बेची गई हैं।
राऊत ने सवाल किया कि महाराष्ट्र में कृषि जमीन की खरीद-बिक्री पर कानूनी पाबंदी होने के बावजूद ऐसे सौदे कैसे हुए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की जांच महसूल विभाग की तरफ से शुरू हो चुकी है। राऊत ने आरोप लगाया कि इस डील के पीछे कोकण के राजनीतिक लोगों का हाथ है और सरकार से सीधे सवाल पूछे।
राऊत ने इस मामले में जंगल कटाई का मुद्दा भी उठाया है और कहा है कि वे स्थानीय शिवसैनिकों के साथ मिलकर संबंधित इलाके का दौरा करेंगे।