शिवेंद्रराजे भोसले का कांग्रेस से सवाल: हार के कारण खुद खोजें, राहुल गांधी पर साधा निशाना
सातारा में पत्रकार परिषद में सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय आत्मपरीक्षण करना चाहिए।
सातारा में हुई पत्रकार परिषद में सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि कांग्रेस चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाकर लोगों में भ्रम फैला रही है। उनके मुताबिक चुनाव में हार के बाद मतदान प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाने के बजाय कांग्रेस को अपनी हार की वजहें खोजनी चाहिए और आत्मपरीक्षण करना चाहिए।
शिवेंद्रराजे का कहना था कि एसआयआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने जो स्पष्टीकरण दिया है, उससे कांग्रेस के आरोपों की विसंगति सामने आ गई है। इस पत्रकार परिषद में भाजपा के गटनेता अविनाश कदम, विकास गोसावी, विठ्ठल बलशेटवार और कुछ दूसरे लोग मौजूद थे।
शिवेंद्रराजे ने कहा, "केंद्रीय चुनाव आयोग के आयुक्तों में कोई मतभेद नहीं है, यह साफ किया जा चुका है। आयोग ने यह भी बताया है कि एसआयआर की प्रक्रिया एकमत से चल रही है। ऐसे में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी आयोग की भूमिका पर सवाल उठाकर एक खास राजनीतिक कथानक आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के चुनावों में कांग्रेस की जीत का हवाला देकर पार्टी के रुख पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "जीत मिले तो कहना कि लोकतंत्र की जीत हुई और हार जाएं तो मतदान व्यवस्था या चुनाव प्रक्रिया पर शक जताना, ऐसा रुख ठीक नहीं है। कांग्रेस अपने कामकाज का आत्मपरीक्षण करे।"
मतदाता सूचियों की समीक्षा के लिए चल रही एसआयआर प्रक्रिया पर भी उन्होंने बात की। उनके अनुसार मतदाता सूचियों को ज्यादा सही बनाने की इस प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को हिस्सा लेने का मौका है। इसलिए गलतफहमी फैलाने के बजाय दलों को इसमें शामिल होकर खामियां बतानी चाहिए, यह अपील उन्होंने की। उन्होंने फॉर्म नंबर छह को लेकर भी भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि एक तरफ संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना और दूसरी तरफ संविधान का जिक्र करना कांग्रेस का दोहरा रुख है।
शिवेंद्रराजे ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लगातार तीसरी बार मौका दिया है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया पर शक पैदा करने के बजाय जनता का फैसला मानकर संगठन और राजनीति के स्तर पर आत्मपरीक्षण करने की जरूरत है।
कैबिनेट सचिव के पत्र के बारे में शिवेंद्रराजे ने दावा किया कि वह डेप्युटेशन पर होने वाली नियुक्तियों से जुड़ा था, लेकिन विपक्ष ने उसका अलग मतलब निकालकर लोगों में गलतफहमी फैलाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को राजनीतिक स्तर पर सीधे चुनौती नहीं दी जा सकती, इसलिए कांग्रेस अलग-अलग मुद्दों पर भ्रम पैदा कर रही है।