शिवभोजन केंद्रों पर कैमरे जरूरी, 10 रुपये की थाली का दाम वही रहेगा
अन्न, नागरी पुरवठा व ग्राहक संरक्षण विभाग ने शिवभोजन योजना के नियम बदले हैं। हर केंद्र पर सीसीटीव्ही लगाना होगा और 90 दिन का फुटेज रखना होगा।
महाराष्ट्र में गरीबों और आम लोगों को सिर्फ 10 रुपये में भरपेट खाना देने वाली शिवभोजन योजना के नियम बदल गए हैं। अन्न, नागरी पुरवठा व ग्राहक संरक्षण विभाग ने नया शासन निर्णय जारी किया है। विभाग का मकसद योजना में पारदर्शिता बढ़ाना है। इसके लिए अब सभी शिवभोजन केंद्रों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाना जरूरी कर दिया गया है।
नए शासन निर्णय के मुताबिक केंद्र का पूरा परिसर सीसीटीव्ही की नजर में होना चाहिए। केंद्र चलाने वाले को कम से कम 90 दिन का वीडियो फुटेज संभालकर रखना होगा। इस बदलाव के बावजूद थाली का दाम नहीं बढ़ा है। योजना के तहत मिलने वाली शिवभोजन थाली 10 रुपये में ही मिलती रहेगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत है।
अनुदान और थाली की मात्रा भी तय है। शहरी इलाके में थाली की सरकारी कीमत 50 रुपये और ग्रामीण इलाके में 35 रुपये रखी गई है। खाने वाले से सिर्फ 10 रुपये लिए जाएंगे। बाकी रकम, यानी शहरी इलाके में 40 रुपये और ग्रामीण इलाके में 25 रुपये, सरकार केंद्र चलाने वाले को अनुदान के तौर पर देगी। थाली में दो चपाती, 100 ग्राम सब्जी, 100 ग्राम दाल और 150 ग्राम चावल देना जरूरी है।
योजना का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए प्रशासन ने कुछ सख्त निर्देश भी दिए हैं। अब केंद्रों से शिवभोजन थाली का पार्सल या टेक-अवे लेने की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। बाहर का खाना केंद्र पर लाने और शिवभोजन को बाहर पार्सल में ले जाने पर भी सख्त मनाही है। सरकारी कर्मचारी और संबंधित संस्थान के कर्मचारी इस सस्ती थाली का फायदा नहीं ले सकेंगे। शासकीय और स्थानीय संस्थानों के कर्मचारियों पर भी यही रोक लागू है।
केंद्रों पर खाने का स्तर, क्वालिटी और साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। खाने की सुरक्षा के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस होना भी अनिवार्य किया गया है।
सभी केंद्र सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे। वहां एक बार में कम से कम 25 लोगों के बैठने की जगह होनी चाहिए और रोज 75 से 200 थालियां बांटना जरूरी होगा। दिव्यांगों, बुजुर्गों और महिलाओं को कतार में लगे बिना पहले खाना दिया जाएगा।
नियम तोड़ने वाले केंद्र चलाने वालों के लिए सख्त सजा का इंतजाम है। साफ-सफाई की कमी हो या केंद्र समय पर न खुले, तो नोटिस दिया जाएगा। लेकिन सीसीटीव्ही बंद रखने पर या बिना पहले बताए केंद्र बंद रखने पर रोज 5000 रुपये तक जुर्माना लगेगा। खराब या बासी खाना देने पर केंद्र की मंजूरी तुरंत रद्द कर दी जाएगी और उसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।