मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:27 IST

शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप लगाकर नितेश राणे ने दिपके से माफी मांगने को कहा

भाजप नेता नितेश राणे ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके पर शिवाजी महाराज की छवि को लेकर आरोप लगाए और माफी की मांग की।

शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप लगाकर नितेश राणे ने दिपके से माफी मांगने को कहा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) कल, शुक्रवार 2 अक्टूबर को मुंबई में आंदोलन करने वाली है। इससे पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महायुति के नेता इस आंदोलन पर काफी टीका-टिप्पणी कर रहे हैं और अब भाजप नेता नितेश राणे भी इसमें शामिल हो गए हैं।

राणे ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके पर जोरदार टीका की। उनका आरोप है कि दिपके ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा फोटो पोस्ट किया, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान हुआ है। राणे ने मांग की कि दिपके इसके लिए माफी मांगें।

राणे ने कहा, "अभिजीत दिपके के आंदोलन से हमें एतराज नहीं है, लेकिन वे जिन लोगों को समर्थन देते हैं और आंदोलन के प्रचार में जो तस्वीरें इस्तेमाल हो रही हैं, उन पर हमें आपत्ति है।"

दिपके के पोस्ट किए एक फोटो का जिक्र करते हुए राणे ने दावा किया कि उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के नीचे मावलों की जगह 'क्रॉक्रोज' दिखाए गए हैं। उन्होंने इसे महाराज का अपमान बताया और कहा, "मुंबई का कोई भी शिवप्रेमी और देशभक्त यह अपमान सहन नहीं करेगा।"

राणे ने एक दूसरी तस्वीर पर भी आपत्ति जताई। उनका दावा है कि उसमें महात्मा गांधी के पैरों के पास छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम दिखाया गया है। राणे ने मांग की कि अभिजीत दिपके इन तस्वीरों पर सफाई दें और माफी मांगें।

राणे ने उमर खालिद के समर्थन के मुद्दे पर भी दिपके को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया, "यह आंदोलन आखिर किसके लिए है?" और आंदोलन की भूमिका पर सवाल उठाए।

राणे ने यह भी कहा, "महाराष्ट्र में लोकतंत्र है, कोई डरता नहीं है। आंदोलन करना है तो कीजिए, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान हम सहन नहीं करेंगे।"

CJP ने आंदोलन का ऐलान 2 अक्टूबर को मुंबई के लिए किया है। उसकी मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और SIR पर भी CJP ने एतराज दर्ज कराया है। शिवाजी पार्क में प्रस्तावित आंदोलन को मुंबई पुलिस ने इजाजत देने से मना कर दिया था, यह जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। उसके बाद अभिजीत दिपके ने 'जेल भरो आंदोलन' करने का ऐलान किया था।

CJP की तरफ से बताया गया है कि यह आंदोलन चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके के खिलाफ है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए है। आंदोलन से पहले राणे के बयानों के बाद शिवाजी महाराज के कथित अपमान को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा होने के आसार हैं।

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