शिंदे ने दिल्ली में मोदी से की मुलाकात, पुणे शिक्षक सीट से मंगेश चिवटे के लड़ने की बात कही
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे चर्चा की और बताया कि पुणे शिक्षक मतदारसंघ से मंगेश चिवटे चुनाव लड़ेंगे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई। मुलाकात के बाद शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए बैठक में हुई चर्चा की जानकारी दी।
शिंदे के मुताबिक उन्होंने मोदी से महाराष्ट्र की सूखे जैसी हालत पर बात की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्य में पानी, चारे और नुकसान वाले इलाकों के हालात की जानकारी ली। पानी और चारे की उपलब्धता, कहां और कितना नुकसान हुआ है, इन सब मुद्दों पर बातचीत हुई, ऐसा शिंदे ने कहा।
एकनाथ शिंदे ने कहा, "किसानों की दिवाली काली नहीं होगी। सरकार किसानों के साथ खड़ी है।" शिंदे ने यह भी बताया कि मोदी ने महाराष्ट्र को हर मुमकिन मदद देने का भरोसा दिया है। उनके कहने के मुताबिक कई मंत्री किसानों के खेतों तक गए हैं और उन्हें हौसला दिया है।
मोदी से मुलाकात के बाद शिंदे ने विधान परिषद चुनाव को लेकर भी एक अहम घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि पुणे शिक्षक मतदारसंघ से मंगेश चिवटे चुनाव लड़ेंगे। शिंदे ने यह भी बताया कि चिवटे ने एबी फॉर्म ले लिया है।
पुणे शिक्षक मतदारसंघ पर भाजपा और शिवसेना के बीच दावेदारी चल रही है, इसलिए यह घोषणा अहम मानी जा रही है। उपलब्ध खबरों के मुताबिक भाजपा ने इस सीट के लिए कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिवसेना के मंगेश चिवटे चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं।
शिंदे ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है और नाम वापस लेने के लिए अभी वक्त है। उनके मुताबिक इस दौरान महायुति में बातचीत होगी और उसके बाद फैसला लिया जाएगा। फिर भी शिंदे ने अपना रुख साफ किया कि पुणे की सीट से मंगेश चिवटे लड़ेंगे और उन्हें एबी फॉर्म दिया जा चुका है।
इस मौके पर शिंदे ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि मोदी एक दिन की भी छुट्टी लिए बिना देश के लिए काम करते हैं। शिंदे के मुताबिक देश का हित सबसे पहले, यही मोदी का एजेंडा है।
विपक्ष की तरफ से मोदी पर होने वाली आलोचना पर भी शिंदे ने प्रतिक्रिया दी। "आरोप लगाना आसान है," कहते हुए उन्होंने ठाकरे गुट की आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री के लिए सम्मान होना चाहिए।
सूखे के हालात और विधान परिषद चुनाव के बीच हुई इस मुलाकात के बाद अब नजर इस पर है कि आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होता है।