शेटफळ गांव में विवाद से हिंसा, फौजी पर सत्तूर से वार, भीड़ का घरों पर हमला
सोलापुर के शेटफळ गांव में दो गुटों के झगड़े में फौजी समेत कई लोग घायल, भीड़ ने घरों पर हमला किया, हत्या की कोशिश और एट्रॉसिटी का केस दर्ज।
सोलापुर जिले के मोहोळ तालुका के शेटफळ गांव में पुरानी रंजिश, धार्मिक रिवाज और खेत में बकरियां घुसने की बात को लेकर दो गुटों के बीच जबरदस्त मारपीट हो गई। इस झगड़े में भारतीय सेना के एक जवान समेत दोनों तरफ के कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। सारे घायलों का इलाज सोलापुर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और पुलिस का भारी बंदोबस्त लगाना पड़ा।
शिकायत के मुताबिक 23 सितंबर की शाम करीब साढ़े सात बजे राजमाता दूध संकलन केंद्र के सामने पहली घटना हुई। बकरियां चराने की बात पर हुए झगड़े के बाद भारतीय सेना के जवान सुमित उत्तरेश्वर खडके और उनके चचेरे भाई राम वसंत खडके दूध संकलन केंद्र पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने दोनों को घेरकर पीटा। शिकायत के अनुसार सुमित खडके के सिर पर सत्तूर से वार किया गया, जबकि राम खडके को भी पीटा गया। बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी हवा भरने वाले पंप से हमला किए जाने का आरोप शिकायत में दर्ज है।
मारपीट के दौरान राम खडके की जेब से 11 हजार रुपये और सूरज खडके के गले से तीन तोले की सोने की चेन जबरदस्ती छीन लेने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत यह भी है कि शिकायत दर्ज कराने पर एट्रॉसिटी का झूठा केस लगाने की धमकी दी गई। राम खडके की शिकायत पर मोहोळ पुलिस स्टेशन में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस झगड़े की जड़ में अगस्त महीने के श्रावण सोमवार को सिद्धेश्वर मंदिर की पादुकाओं पर माला चढ़ाने को लेकर हुआ पुराना विवाद है। इसी रंजिश की वजह से 24 सितंबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे मामला फिर भड़क गया। आरोप है कि भीमनगर इलाके में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस बंदोबस्त होने के बावजूद भीड़ ने अरविंद सिद्धेश्वर थोरात के घर में घुसकर लोहे के पाइप और डंडों से मारपीट की, ऐसा शिकायत में दर्ज है।
आरोप है कि अरविंद थोरात के सिर पर लोहे के पाइप से वार करके जान से मारने की कोशिश की गई। इसके अलावा आसपास के दूसरे घरों में भी तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े जाने का आरोप है। इस मामले में 36 नामजद और 100 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, दंगा और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने शेटफळ जाकर हालात का जायजा लिया। प्रांताधिकारी सचिन इथापे, अपर पुलिस अधीक्षक विजय कबाडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सूरज जगताप, सहायक आयुक्त सुलोचना सोनवणे और पुलिस निरीक्षक दीपक पाटील मौके पर पहुंचे। कोई अनहोनी न हो, इसके लिए गांव में सख्त पुलिस बंदोबस्त रखा गया है। फिलहाल गांव में तनावभरी शांति है और पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। इस मामले की आगे की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी सूरज जगताप कर रहे हैं।