सावली तालुके में गढ़चिरोली से नदी पार कर हाथियों का झुंड फिर पहुंचा, वनविभाग सतर्क
करोली, आकापूर और गेवरा इलाके में हाथियों की मौजूदगी से किसानों और ग्रामीणों में डर का माहौल, वनविभाग ने झुंड पर नजर रखनी शुरू की
सावली तालुके में हाथियों का झुंड एक बार फिर घुस आया है। गढ़चिरोली की तरफ से वैनगंगा नदी पार करके यह झुंड तालुके में दाखिल हुआ है। करोली, आकापूर और गेवरा शिवार में हाथियों की आवाजाही देखी गई, जिसके बाद किसानों और गांववालों के बीच चिंता फैल गई है।
खेती को नुकसान और लोगों की सुरक्षा का सवाल सामने रखते हुए वनविभाग ने अपनी हरकत तेज कर दी है। वनविभाग की एक टीम हाथियों के झुंड किस दिशा में बढ़ रहा है, इस पर लगातार नजर रखे हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
पिछले तीन साल से गढ़चिरोली और सावली के सीमावर्ती इलाके में हाथियों के झुंड वैनगंगा नदी पार करके लगातार आते-जाते रहे हैं। महज तीन महीने पहले ही 32 हाथियों के एक बड़े झुंड ने पूरे एक महीने तक सावली तालुके में डेरा जमाया था। उस दौरान सोनापुर में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, वहीं कई किसानों की फसल की भारी बर्बादी हुई थी। अब दोबारा हाथियों का यह दल तालुके में घुस आने से खेतमजदूरों और किसानों की चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल हाथियों का झुंड किस रास्ते आगे बढ़ रहा है, इस पर वनविभाग की टीम बारीकी से निगरानी रखे हुए है।
इसी को देखते हुए सावली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी विनोद धुर्वे ने लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। वनविभाग ने साफ कहा है कि अगर हाथियों का झुंड दिखे तो उनके नजदीक जाना, उनकी फोटो या वीडियो बनाना या उन्हें भगाने की कोशिश करना पूरी तरह टालना चाहिए। साथ ही वनपरिक्षेत्र अधिकारी ने यह भी सूचना दी है कि रात के वक्त हाथियों के असर वाले इलाके में बेवजह घूमना टाला जाए, और हाथियों की कोई भी हलचल नजर आए तो तुरंत वनकर्मचारियों को जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग किया जाए।