मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:27 IST

सातारा जिला सहकारी बैंक चुनाव: आचार संहिता लागू, 1 नवंबर को वोटिंग और 3 नवंबर को नतीजे

सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के 21 डायरेक्टर पदों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, जिले के 2,019 वोटर डालेंगे वोट

सातारा जिला सहकारी बैंक चुनाव: आचार संहिता लागू, 1 नवंबर को वोटिंग और 3 नवंबर को नतीजे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव का शेड्यूल आते ही जिले के सहकार क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। बैंक के 21 डायरेक्टर पदों के लिए 2,019 वोटर अपना वोट डालेंगे, जिसकी वजह से हर एक निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक और संस्थागत समीकरण अहम हो गए हैं।

उम्मीदवारी तय करने से लेकर पैनल बनाने तक अगले कुछ दिनों में जोरदार हलचल होने के आसार हैं। सातारा जिला मध्यवर्ती बैंक में आचार संहिता लागू हो चुकी है। 1 नवंबर को वोटिंग होगी और 3 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। जिला बैंक की सत्ता में अलग-अलग राजनीतिक गुटों का असर रहता है, इसलिए यह चुनाव सिर्फ सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि चुनने तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की परीक्षा भी बनने वाला है।

उम्मीदवारी का फॉर्म भरने का काम शुरू होते ही यह साफ होने लगेगा कि कितने लोग मैदान में हैं और उनके पीछे कौन-कौन से गुट हैं। इसके बाद नाम वापसी के दौर में किन उम्मीदवारों को एक साथ लाया जाता है और किस निर्वाचन क्षेत्र में सीधी लड़ाई होती है, इस पर चुनाव की आखिरी तस्वीर निर्भर करेगी। इस बीच जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की आचार संहिता पहले से लागू है, और अब उसी दौरान जिला बैंक की चुनाव प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर भी नजर रखनी होगी।

बैंक के चुनाव में 2,019 वोटर होने की वजह से हर मतदाता संस्था से संपर्क और निर्वाचन क्षेत्रवार बैठकों को अब खास तवज्जो मिलेगी। संभावना है कि उम्मीदवार अभी से संस्थाओं के पदाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर देंगे। पैनल बनाना, संभावित उम्मीदवारों को चुनना और लोकल गुटों को साथ लेकर चलना, यह चुनौती प्रमुख नेताओं के सामने रहेगी।

महायुति में भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट और शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के बीच स्थानीय स्तर पर तालमेल कैसे बनता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर है। खासकर मौजूदा डायरेक्टरों को दोबारा मौका मिलेगा या नए चेहरों को उतारा जाएगा, किस निर्वाचन क्षेत्र में किस गुट का दबदबा है, और संभावित उम्मीदवारों के पीछे कितनी संस्थागत ताकत है, इन सब बातों पर उम्मीदवारी के गणित तय होने की संभावना है।

कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के समीकरणों से ज्यादा स्थानीय गुटों के रिश्ते और सहकारी संस्थाओं में संपर्क अहम साबित हो सकता है। डायरेक्टरों का चुनाव कृषि साख आपूर्ति और विकास सेवा सोसायटी, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति-घुमंतू जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग, कृषि विपणन, कृषि उत्पाद प्रोसेसिंग, शहरी बैंक और पतसंस्था, दूध उत्पादक, औद्योगिक, आवास, बुनकर, मजदूर और पानी आपूर्ति जैसे अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से होगा, इसलिए हर निर्वाचन क्षेत्र का अपना अलग राजनीतिक गणित अहम रहेगा।

चुनाव का पूरा शेड्यूल इस तरह है। फॉर्म भरने की तारीख 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगी। भरे गए फॉर्म की लिस्ट रोज शाम 4 बजे जारी की जाएगी। फॉर्म की जांच 5 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे होगी। वैध फॉर्म की आखिरी लिस्ट 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जारी होगी। नाम वापस लेने की मियाद 6 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक रहेगी। आखिरी उम्मीदवार लिस्ट और चुनाव चिन्ह का बंटवारा 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होगा। वोटिंग 1 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, और वोटों की गिनती 3 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।

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