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20:32 IST

रूस में अन्वी हिंगे का कमाल, एशियाई स्कूल शतरंज में ब्लिट्ज का गोल्ड और स्टैंडर्ड का सिल्वर

पिंपरी-चिंचवड की अन्वी दीपक हिंगे ने तुला में हुई 20वीं एशियाई स्कूल शतरंज चैंपियनशिप में लड़कियों के अंडर-9 वर्ग में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता।

रूस में अन्वी हिंगे का कमाल, एशियाई स्कूल शतरंज में ब्लिट्ज का गोल्ड और स्टैंडर्ड का सिल्वर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

रूस के तुला शहर में हुई 20वीं एशियाई स्कूल शतरंज चैंपियनशिप में पिंपरी-चिंचवड की अन्वी दीपक हिंगे ने भारत का नाम ऊंचा किया। लड़कियों के नौ साल से कम उम्र वाले वर्ग में उसने ब्लिट्ज में गोल्ड मेडल और स्टैंडर्ड में सिल्वर मेडल जीता। इस तरह उसे एक ही स्पर्धा में दो मेडल मिले।

इन दो मेडल के साथ अन्वी के अंतरराष्ट्रीय मेडल की संख्या अब 15 हो गई है। यह स्पर्धा 1 से 11 अक्टूबर के बीच हुई, जिसमें 12 देशों के 318 खिलाड़ी शामिल थे।

शतरंज के लिए मशहूर रूस में अन्वी ने अपने खेल की छाप छोड़ी। वह चिंचवड के एलप्रो इंटरनेशनल स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती है। उसे ग्रैंडमास्टर प्रवीण ठिपसे, इंटरनेशनल मास्टर निखिल दीक्षित और मानसिक प्रशिक्षण की मार्गदर्शक ऋतू बळ्यान चौधरी का मार्गदर्शन मिल रहा है।

ब्लिट्ज में नौ राउंड खेले गए। अन्वी ने आठ अंक बनाकर पहला स्थान हासिल किया। उसने आठ मैच जीते और एक में हार मिली। तुर्कमेनिस्तान की बागुल जुमायेवा साढ़े सात अंक के साथ सिल्वर पर रहीं, जबकि रूस की लेयला इसायेवा को छह अंक के साथ ब्रॉन्ज मिला।

पांचवें राउंड में हार के बाद अन्वी ने लगातार चार जीत दर्ज करके शानदार वापसी की। विरोधियों की चालों का उसने फुर्ती से जवाब दिया और दबाव में भी एकाग्रता बनाए रखी। इस प्रदर्शन से उसकी फिडे ब्लिट्ज रेटिंग में 58 अंकों की बढ़त हुई।

स्टैंडर्ड में भी नौ राउंड में अन्वी ने साढ़े छह अंक बनाकर सिल्वर मेडल जीता। कजाकिस्तान की अमालिया येद्रेसहेवा ने आठ अंक के साथ गोल्ड लिया, और रूस की मिया कुद्र्याशोवा छह अंक के साथ ब्रॉन्ज जीत गईं। तेज ब्लिट्ज और लंबी सोच वाले स्टैंडर्ड, दोनों में मेडल जीतकर अन्वी ने अपने खेल की हरफनमौला क्षमता साबित की।

अन्वी को पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में कामयाबी मिल चुकी है। आठ साल ग्यारह महीने की उम्र में उसने फिडे का वुमन कैंडिडेट मास्टर खिताब हासिल किया था। 2025 में ग्रीस में हुई विश्व कैडेट और युवा रैपिड व ब्लिट्ज स्पर्धा में वह उपविजेता रही थी। ताजिकिस्तान के दुशान्बे में हुई पश्चिम एशिया युवा स्पर्धा में भी उसने व्यक्तिगत और टीम वर्ग में छह मेडल जीते हैं।

अन्वी की तारीफ करते हुए इंटरनेशनल मास्टर निखिल दीक्षित ने कहा कि उसका तेज फैसला लेना, एकाग्रता और हार के बाद वापसी करने का जज्बा खास है। उन्होंने भरोसा जताया कि लगातार अभ्यास और सही मार्गदर्शन के दम पर वह आगे बड़ी स्पर्धाओं में भी कामयाब हो सकती है।

अन्वी के पिता दीपक हिंगे ने इस कामयाबी पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि बेटी की मेहनत के पीछे परिवार का साथ है, और उसके अंतरराष्ट्रीय सफर में मोरडे स्पोर्ट्स फाउंडेशन और लक्ष्य स्पोर्ट्स का सहयोग बहुत अहम रहा है। अन्वी ने भारत के लिए दो मेडल जीतने की खुशी जताई और कहा कि आगे रेटिंग बढ़ाकर वह विश्व स्तर के बड़े खिताब जीतना चाहती है। तुला की इस दोहरी कामयाबी से इस युवा शतरंज खिलाड़ी ने भारतीय शतरंज में एक बार फिर अपनी चमक दिखाई है।

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