क्वालालंपुर की कॉमनवेल्थ स्कूल चेस चैंपियनशिप में क्रिशव शाह ने जीता स्वर्ण पदक
पंद्रह साल से कम उम्र के गुट में पहला स्थान, कुल चार पदक: दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य।
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पुणे: मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में हुई पहली कॉमनवेल्थ स्कूल चेस चैंपियनशिप 2026 में भारत के क्रिशव कवित शाह ने शानदार प्रदर्शन किया। पंद्रह साल से कम उम्र के गुट में वह पहले स्थान पर रहे और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत से उन्होंने देश का नाम ऊंचा किया है।
क्रिशव ने इस चैंपियनशिप में कुल चार पदक जीते। इनमें दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। यह चैंपियनशिप पहली बार आयोजित हुई थी और इन पदकों के साथ क्रिशव ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में अपने हुनर की छाप छोड़ी है।
यह स्पर्धा क्वालालंपुर के सिटिटेल मिड वैली होटल में 4 से 12 अक्टूबर के बीच खेली गई, यानी चैंपियनशिप 4 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चली। इसका आयोजन कॉमनवेल्थ चेस एसोसिएशन की ओर से किया गया था।
स्पर्धा में भारत के साथ मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या, बांग्लादेश, पाकिस्तान, कनाडा, नामीबिया, ब्रुनेई और स्कॉटलैंड, यानी कुल 13 देशों के 293 युवा शतरंज खिलाड़ी उतरे थे।
पंद्रह साल से कम उम्र के गुट में क्रिशव ने अपनी बुद्धिमत्ता, एकाग्रता और सटीक फैसले लेने की क्षमता के दम पर उल्लेखनीय कामयाबी हासिल की। पूरी चैंपियनशिप में उनका खेल खास तौर पर लोगों की नजर में रहा। अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के सामने उन्होंने जो आत्मविश्वास और धैर्य दिखाया, उससे उनकी इस सफलता की अहमियत और बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस कामयाबी से उनके आगे के खेल करियर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। क्रिशव के परिवार ने उन्हें बधाई दी है। परिवार का कहना है कि दो स्वर्ण समेत चार पदक जीतकर उन्होंने परिवार के साथ पूरे देश का सिर ऊंचा किया है।
परिवार ने यह शुभकामना भी जताई है कि क्रिशव आगे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में इसी तरह कामयाबी हासिल करते रहें और भारत का नाम रोशन करें।