'रेंट अ गरबा पार्टनर' ऐप की जांच की मांग, विधायक मेहता ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
मीरा-भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता ने सोशल मीडिया पर चल रहे 'Rent a Garba Partner' ऐप की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक को ज्ञापन दिया।
मीरा-भाईंदर के साथ-साथ मुंबई उपनगर और ठाणे इलाके में नवरात्रि को लेकर गरबा और दांडिया कार्यक्रमों की जोरदार तैयारी चल रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर चर्चा में आए 'Rent a Garba Partner' नाम के एक ऐप के जरिए कथित तौर पर चल रही गतिविधि की जांच कर संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठी है। मीरा-भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक से मिले और इस बारे में उन्हें ज्ञापन सौंपा।
मेहता के ज्ञापन के मुताबिक फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'Rent a Garba Partner' के नाम से महिलाओं, पुरुषों, युवकों और युवतियों को गरबा पार्टनर के तौर पर उपलब्ध कराने के विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। इन विज्ञापनों में कथित तौर पर 1 हजार रुपये से लेकर 6 हजार 500 रुपये तक फीस वसूलने का दावा किया गया है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मेहता ने इस ऐप, इसके मालिक, विज्ञापन देने वालों और इस माध्यम से सेवा देने का दावा करने वाले लोगों की जांच की मांग की है।
विधायक ने ज्ञापन में महिला सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म से खासकर महिलाओं और युवतियों की ठगी होने का खतरा है, साथ ही उनकी निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल या सार्वजनिक हो जाने की आशंका भी है। इसलिए ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिए किसी भी तरह की गड़बड़ी हो रही हो तो उसे तुरंत रोकना जरूरी है, ऐसा उन्होंने ज्ञापन में कहा है।
मेहता ने यह भी मांग की है कि 'Rent a Garba Partner' ऐप के जरिए असल में कौन सी सर्विस दी जाती है, उसके लिए किस तरह से रजिस्ट्रेशन होता है, ग्राहकों से क्या जानकारी ली जाती है और सोशल मीडिया पर चल रहे विज्ञापनों का स्वरूप क्या है, इसकी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐप के मालिकों के अलावा इसका प्रचार करने वाले लोगों या संस्थाओं की भी जांच होनी चाहिए। आगे चलकर इस तरह के ऐप बनाकर या उनका प्रचार कर लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा न हो, इसके लिए एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है, यह बात भी मेहता ने अपने ज्ञापन में कही है।
इसके अलावा विधायक नरेंद्र मेहता ने यह मांग भी की है कि पुलिस इस मामले को लेकर खासकर महिलाओं और युवतियों में जागरूकता फैलाए और उन्हें ऐसे विज्ञापनों के झांसे में आकर निजी जानकारी, फोटो, मोबाइल नंबर देने या पैसों का लेनदेन करते वक्त सावधानी बरतने की अपील करे।