पूर्णेकर हत्या मामले में पूर्व महापौर मिनाक्षी शिंदे ने आरोप नकारे, निष्पक्ष जांच की मांग की
ठाणे के प्रदीप उर्फ बाळा पूर्णेकर की हत्या के मामले में पूर्व महापौर मिनाक्षी शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बेबुनियाद हैं और उन्हें राजनीतिक तौर पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
इसी बीच यह जानकारी सामने आई है कि पुलिस ने इस मामले में निखिल यादव और नितेश पवार को हिरासत में लिया है। पुलिस की जांच अभी चल रही है।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या मानपाडा इलाके में हुई। उन पर गोलियां चलाई गईं और धारदार हथियार से भी हमला किया गया। घटना के बाद पूर्णेकर परिवार की तरफ से मिनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
इन आरोपों का जवाब देते हुए मिनाक्षी शिंदे ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने माना कि पूर्णेकर के साथ उनके वैचारिक मतभेद थे, लेकिन उनका कहना है कि हत्या करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 20 साल के उनके राजनीतिक सफर में उन पर इस तरह का आरोप पहली बार लगा है।
मिनाक्षी शिंदे ने मांग की कि पुलिस इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से करे और जो सबूत उपलब्ध हैं, उन्हीं के आधार पर कार्रवाई करे। उन्होंने साफ कहा कि जांच के लिए वे पुलिस को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
उनका दावा है कि शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था। उनके मुताबिक बाद की कार्रवाई में जांच के दौरान उनका और उनके पति राजेंद्र शिंदे का नाम जोड़ा गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जांच की एक और दिशा भी पुलिस के सामने रखी। उनका दावा है कि प्रदीप पूर्णेकर के बेटे ने पुलिस को लावण्या नाम की एक युवती के बारे में जानकारी दी थी। मिनाक्षी शिंदे का यह भी दावा है कि हत्या से कुछ दिन पहले पूर्णेकर और उस युवती के बीच झगड़ा हुआ था और युवती ने धमकी दी थी। हालांकि इन दावों की अलग से पुष्टि अब तक नहीं हुई है। युवती का हत्या से कोई ताल्लुक है या नहीं, यह पुलिस की जांच से ही साफ होगा।
मिनाक्षी शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिशा सालियन मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने उस मामले के आरोपों, जांच की दिशा और आदित्य ठाकरे के नाम को लेकर सवाल उठाए। दिशा सालियन मामले से जुड़े दावे और प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले की जांच अलग-अलग मुद्दे हैं, इसलिए दोनों मामलों के आरोपों और पुलिस जांच के नतीजों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
पुलिस ने अब तक कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है। निखिल यादव और नितेश पवार से पूछताछ में हत्या की साजिश, बाकी आरोपियों और कथित सूत्रधार के बारे में कुछ पता चलता है या नहीं, इस पर सबकी नजर है।
मिनाक्षी शिंदे अपने ऊपर लगे आरोपों को साफ तौर पर नकार चुकी हैं। अब पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और बाकी सबूतों से क्या निकलता है, उसी पर मामले की आगे की दिशा तय होगी। अलग-अलग पक्षों की तरफ से लगाए गए आरोपों को फिलहाल जांच का नतीजा नहीं माना जा सकता।