'पूरे महाराष्ट्र में एक हजार रोजगार मेले'; मंगल प्रभात लोढा की युवाओं से अपील
29 सितंबर को महाराष्ट्र भर में एक हजार रोजगार मेलों का आयोजन होगा, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
महाराष्ट्र के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके देने के लिए राज्य के कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग ने फैसला किया है कि 29 सितंबर को पूरे महाराष्ट्र में एक साथ एक हजार रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन मेलों को 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार महाकुंभ महाराष्ट्र' नाम दिया गया है। कौशल्य विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने अपील की है कि राज्य के युवा इन मेलों में बड़ी संख्या में शामिल हों, ताकि उन्हें अपनी शिक्षा, कौशल और पसंद के मुताबिक नौकरी का मौका मिल सके।
यह अपील जानकारी व जनसंपर्क विभाग के 'लोकसंवाद-2026' अभियान के तहत सामने आई है। इस अभियान के जरिए गणेशोत्सव के मौके पर, जब लोग बड़ी तादाद में गणेश मंडलों में इकट्ठा होते हैं, वहीं जाकर सरकार की अलग-अलग योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के अलग-अलग गणेश मंडलों में जाकर अधिकारियों ने लोगों से सीधा संवाद किया और उन्हें रोजगार मेलों के साथ-साथ उपलब्ध नौकरियों के मौकों की जानकारी दी।
मलबार हिल स्थित मीनल क्रीडा मंडल में हुए इस कार्यक्रम में मंडल के अध्यक्ष प्रशांत जाधव, उपाध्यक्ष निंगेश कोरे, राजीव मेहता, सागर पेंढारकर, आयेशा कुरेशी समेत अन्य पदाधिकारी, सदस्य और भक्तगण मौजूद रहे। इसी दौरान मुंबई शहर जिले में होने वाले रोजगार मेले के बारे में कौशल्य विकास अधिकारी विद्या शिंगे, समन्वयक अजय कांबले और जानकारी व जनसंपर्क विभाग की विभागीय संपर्क अधिकारी संध्या गरवारे, श्रद्धा मेश्राम और अश्विनी पुजारी ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए रोजगार महाकुंभ की पूरी जानकारी दी।
राज्य के युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, हुनर और दिलचस्पी के हिसाब से रोजगार के मौके दिलाने के मकसद से ये रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। हर तालुका में लगने वाले इस मेले के जरिए वहां के स्थानीय युवाओं को अलग-अलग कंपनियों और उद्योगों में मिलने वाली नौकरियों की सीधी जानकारी मिलेगी।
इस दौरान सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की योजनाओं के बारे में भी बताया गया, जो अनुसूचित जाति, नवबौद्ध, बुजुर्ग, दिव्यांग, तृतीयपंथी और दूसरे कमजोर तबकों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए चलाई जाती हैं। मैट्रिकोत्तर, सावित्रीबाई फुले और राजर्षी शाहू महाराज स्कॉलरशिप के जरिए बच्चों को पढ़ाई में मदद दी जाती है, तो स्वाधार और सरकारी होस्टल स्कीम से रहने की जगह और जरूरी सुविधाएं मिलती हैं। रमाई आवास योजना से घर बनाने के लिए पैसे की मदद दी जाती है, जबकि मुख्यमंत्री वयोश्री और संजय गांधी निराधार योजना बुजुर्गों और बेसहारा लोगों को सहारा देती है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, पोषण, पढ़ाई और सशक्तिकरण के लिए महिला व बाल विकास विभाग की तरफ से भी कई योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, आदर्श आंगनवाडी, बेबी केयर किट, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान शामिल हैं। आंगनवाडी की सेवाओं के जरिए पूरक पोषण, हेल्थ चेकअप, टीकाकरण, प्री-प्राइमरी पढ़ाई और पोषण से जुड़ी सलाह दी जाती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग काउंसलिंग और कानूनी मार्गदर्शन देता है, वहीं बच्चों के हक की शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाती है। महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए बचत समूह, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाता है। इस मौके पर महिला हेल्पलाइन 155209 और बाल हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया गया।