पुराने सिक्कों पर 55 लाख का झांसा, रिटायर्ड मैनेजर से फेसबुक ठगी में 23 लाख गंवाए
नागपुर में फेसबुक विज्ञापन के जरिए पुराने सिक्कों-नोटों के बदले मोटी रकम का लालच देकर एक रिटायर्ड मैनेजर से 23 लाख रुपए ठग लिए गए।
नागपुर में एक रिटायर्ड मैनेजर फेसबुक पर दिखे एक विज्ञापन के चक्कर में 23 लाख रुपए गंवा बैठे। विज्ञापन में पुराने सिक्कों और करेंसी नोटों के बदले 55 लाख रुपए दिलाने का दावा किया गया था, और यही लालच उन्हें भारी पड़ गया।
पीड़ित का नाम पिलाजी सोमकुवर है, उम्र 66 साल। वे छत्तीसगढ़ की थर्मल पावर कॉर्पोरेशन इंडस्ट्रीज लिमिटेड से मैनेजर पद से रिटायर हुए हैं। 30 अगस्त को फेसबुक चलाते वक्त उन्हें एक विज्ञापन दिखा जिसमें पुराने सिक्कों और नोटों के बदले अच्छी खासी रकम देने की बात कही गई थी।
सोमकुवर ने विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर पर कॉल किया। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पास पुराने सिक्के और करेंसी नोट हैं। दूसरी तरफ से आरोपी ने इन्हें देखे बिना ही इनकी कीमत करीब 55 लाख रुपए आंक दी।
इसके बाद ठग ने अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर, कभी दस्तावेज बनवाने के नाम पर, तो कभी प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर सोमकुवर से रकम भेजने को कहा गया। 55 लाख रुपए मिलने की उम्मीद में सोमकुवर बार-बार पैसे भेजते गए। आखिर में उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल मिलाकर करीब 23 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए।
जैसे ही आरोपी को यह पूरी रकम मिल गई, उसने सोमकुवर से संपर्क तोड़ दिया। सोमकुवर ने कई बार फोन लगाया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जिस 55 लाख रुपए की उम्मीद में उन्होंने इतनी बड़ी रकम भेजी थी, वह उनके खाते में कभी नहीं पहुंची।
तब जाकर सोमकुवर को समझ आया कि उनके साथ ऑनलाइन ठगी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस स्टेशन जाकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि सोमकुवर की भेजी रकम आखिर किन-किन बैंक खातों में गई।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों, नोटों या दुर्लभ चीजों के बदले मोटी रकम देने का दावा करने वाले विज्ञापनों से सावधान रहना कितना जरूरी है। ऐसे विज्ञापनों के जरिए ही ज्यादातर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।