पुणे के चारों बांधों में 94 फीसदी पानी, खडकवासला में पिछले साल से 1.74 TMC कम
खडकवासला प्रकल्प के चारों बांधों में 27.41 TMC यानी 94.06 टक्के पानी है, लेकिन पिछले 24 घंटे में आवक शून्य रही।
पुणे जिले में बारिश ने मुंह मोड़ लिया है और सूखे के हालात और गंभीर हो रहे हैं। ऐसे में शहर की प्यास बुझाने वाले खडकवासला प्रकल्प के चारों बांधों के पानी पर अब चिंता के साथ नजर रखी जा रही है।
गुरुवार (दि. 1) सुबह छह बजे के आंकड़ों के मुताबिक खडकवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर, चारों बांधों में मिलाकर 27.41 TMC यानी 94.06 टक्के पानी है। सबसे अहम बात यह है कि पिछले 24 घंटों में चारों बांधों में पानी की आवक शून्य दर्ज की गई है।
पिछले साल इसी वक्त इन चारों बांधों में 29.15 TMC यानी 100 टक्के भंडार था। यानी इस बार का भंडार पिछले साल से 1.74 TMC कम है। अगर बारिश ने फिर जोर नहीं पकड़ा, तो आने वाले महीनों के पानी का नियोजन मौजूदा भंडार पर ही टिका रहेगा।
बांध के हिसाब से देखें तो खडकवासला में अभी 0.93 TMC यानी 46.97 टक्के पानी है। पानशेत में 10.22 TMC (96.03 टक्के), वरसगांव में 12.56 TMC (97.97 टक्के) और टेमघर में 3.71 TMC (100 टक्के) पानी है।
इस बीच पुणे जिले के कुछ तालुकों में बारिश का खंड और फसलों पर उसका असर सूखे की तीव्रता बढ़ा रहा है। ऐसे में बांधों का भंडार भले संतोषजनक दिखे, पर "भंडार कितना है" से ज्यादा अहम सवाल यह बन गया है कि "नया पानी कितना आ रहा है"। आवक शून्य होने से आगे पीने के पानी, खेती और शहर की बढ़ती जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के सामने चुनौती होगी। बांध भरे हैं, मगर बारिश रुक गई है, इसलिए पुणे के पानी की असली परीक्षा अब शुरू हुई है।
खडकवासला बांध से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है, भले चारों बांधों में आवक शून्य हो। बांध के सांडवे से अब तक 19.05 TMC पानी छोड़ा जा चुका है। इस तरह बारिश में भरकर बहने वाले बांधों का पानी अब नियंत्रित इस्तेमाल के दौर में आ गया है। खासकर खडकवासला बांध का भंडार आधे से कम रह जाने से आगे के पानी के इस्तेमाल का नियोजन और अहम हो जाएगा।