फ्लायदुबई कॉकपिट हमला: आरोपी को-पायलट को 2024 में ओमान एअर ने किया था सस्पेंड
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लायदुबई FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमले के आरोपी को-पायलट के बारे में नई जानकारी सामने आई है।
दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुए हमले के मामले में एक नई और गंभीर जानकारी सामने आई है। विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमले का आरोप ओमान के रहने वाले को-पायलट पर है। बताया जा रहा है कि इस आरोपी को-पायलट को पहले वह जिस कंपनी में काम करता था, यानी ओमान एअर, उसने राष्ट्रीय और विमानन सुरक्षा की वजहों से सस्पेंड कर दिया था।
इस खुलासे के बाद दुनियाभर की विमानन व्यवस्था की सुरक्षा जांच और कर्मचारियों की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
बताया गया है कि आरोपी को-पायलट का नाम हम्माम अल हमामी है। साल 2024 में वह ओमान एअर में ट्रेनी को-पायलट था। उसी दौरान सुरक्षा जांच में उसके पास से ऐसा चरमपंथी साहित्य मिला था, जिसे सुरक्षा के लिए खतरनाक माना जाता है। इसके बाद ओमान एअर ने उसे उड़ान की ड्यूटी से फौरन हटा दिया था। हैरानी की बात यह है कि उसे एअरलाइन से पूरी तरह निकाला नहीं गया। उसे सिर्फ प्रशासनिक या डेस्क जॉब में रखा गया था। अब जांच का मुख्य सवाल यही है कि ऐसी पृष्ठभूमि वाला शख्स फ्लायदुबई जैसी अंतरराष्ट्रीय एअरलाइन में फर्स्ट ऑफिसर कैसे बन गया।
घटना बुधवार, 30 सितंबर की है। फ्लायदुबई का FZ1073 विमान 182 यात्रियों और क्रू को लेकर दुबई से तेल अवीव की तरफ उड़ रहा था। विमान हवा में था, तभी कॉकपिट में को-पायलट हम्माम अल हमामी ने मुख्य कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, ऐसा आरोप है। हमले में भारतीय कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक मची इस हलचल में विमान का कंट्रोल छूट गया और वह तेजी से नीचे जमीन की ओर जाने लगा। कॉकपिट का नजारा बेहद डरावना था और यात्रियों में घबराहट फैल गई थी।
गहरी चोट और खून बहने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने हार नहीं मानी। विमान गिरने का अंदाजा होते ही उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही सतर्क यात्री और केबिन क्रू तुरंत अंदर पहुंचे। उन्होंने हिंसक हो चुके संदिग्ध को-पायलट को पकड़कर बांध दिया। कैप्टन की इसी हिम्मत और सूझबूझ से विमान पर दोबारा कंट्रोल पाना मुमकिन हो सका।
इसके बाद विमान को फौरन सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की तरफ मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी 182 यात्री और क्रू सुरक्षित रहे और बड़ा हादसा टल गया। घायल कैप्टन मच्छर का तुरंत इलाज किया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छर से फोन पर बात करके उनकी तबीयत पूछी और उनकी बहादुरी की तारीफ की।
गुरुवार को सऊदी अरब प्रशासन ने आरोपी हमामी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पुलिस के हवाले कर दिया। अब यूएई के सरकारी वकील और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि यह किसी सिरफिरे का अकेले किया हमला था, या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन या पहले से रचा गया कोई कट था। सुरक्षा एजेंसियां ओमान एअर से लेकर फ्लायदुबई तक हर स्तर के कागजात और सुरक्षा में रही खामियों की भी पड़ताल कर रही हैं।