फ्लायदुबई की उड़ान में को-पायलट का हमला, भारतीय पायलट स्मित मछार ने संभाला विमान
33,000 फुट की ऊंचाई पर कॉकपिट में हुए हमले के बाद घायल पायलट स्मित मछार ने विमान का कंट्रोल संभाला। उनकी हिम्मत की तारीफ अब दुनिया भर में हो रही है।
भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की चर्चा इन दिनों दुनिया भर में हो रही है। फ्लायदुबई की एक उड़ान में उनके साथ जो हुआ, उसके किस्से सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक कई बड़े लोग उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि उनकी वजह से विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बची।
बताया गया है कि विमान का कंट्रोल उस वक्त स्मित मछार और ओमान के को-पायलट, दोनों के हाथ में था। फ्लाइट ने टेक-ऑफ किया और जमीन से 33,000 फुट की ऊंचाई पर पहुंची, तभी ओमान के को-पायलट ने अचानक कंट्रोल पैनल अपने हाथ में ले लिया। वह विमान को क्रैश करने की कोशिश करने लगा। भारतीय पायलट इस कोशिश में रुकावट न डालें, इसलिए उसने स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में स्मित गंभीर रूप से जख्मी हो गए और उनके शरीर से खून बहने लगा।
इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। फ्लायदुबई का यह विमान सिर्फ 30 सेकंड में 33,000 फुट की ऊंचाई से गिरकर 17,000 फुट पर पहुंच गया था। स्मित मछार घायल थे, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। धुरंधर फिल्म का मशहूर डायलॉग तो आपने सुना ही होगा, "घायल हूं इसलिए ज्यादा घातक हूं"। इस घटना में यह डायलॉग सच होता दिखा। घायल हालत में उन्होंने ओमान के पायलट से प्लेन का कंट्रोल पैनल वापस अपने हाथ में लिया और कॉकपिट के अंदर ही विमान को क्रैश होने से बचाने में लग गए। जरा सोचिए, घायल होकर को-पायलट का सामना करना, विमान की कमान अपने हाथ में लेना और इस भयानक हालात में सेफ लैंडिंग कराना कोई आसान बात नहीं है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक खबर पहुंचाने के लिए स्मित मछार ने सबसे पहले 7700 कोड भेजा। यह कोड इमरजेंसी में भेजा जाता है। जब विमान किसी गंभीर मुसीबत में फंस जाता है और उसे मदद चाहिए, तो पायलट ट्रांसपॉन्डर में स्क्वॉक 7700 कोड भेजकर ग्राउंड कंट्रोल को बताता है। इससे एटीसी को पता चल जाता है कि विमान संकट में है। तेल अवीव से निकले इस विमान के बारे में इसी कोड से शुरू में यह जानकारी मिली कि उसे हाईजैक कर लिया गया है। हालांकि, विमान की सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों से बातचीत के बाद अंदर के खूनी हंगामे की असली कहानी सामने आई।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना पर कहा, "मैंने एक इस्राइली यात्री से बात की। उसने मुझे बताया कि विमान गोल-गोल घूमने लगा और नीचे गिरने लगा।" यात्री ने नेतन्याहू को यह भी बताया कि उन्होंने किसी तरह एक क्रू मेंबर की मदद से कॉकपिट का दरवाजा खोला और सबने मिलकर ओमान के पायलट पर हमला कर दिया।
इस पूरी घटना का एक विस्तृत एआई वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। इसमें दिखाया गया है कि घटना कैसे हुई, हमला कैसे किया गया और भारतीय पायलट ने इस हालात में विमान की सेफ लैंडिंग कैसे कराई। यह वीडियो इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है और पायलट के साहस की तारीफ अब पूरी दुनिया में हो रही है।