फडणवीस बोले, युवाओं की रिसर्च से महाराष्ट्र बनेगा दुनिया का इनोवेशन हब
मुंबई में 'द गव्हर्नन्स चॅलेंज' के चौथे संस्करण के विजेताओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इनाम बांटे।
मुंबई में एनसीपीए के जमशेद भाभा सभागृह में 'द गव्हर्नन्स चॅलेंज' स्पर्धा के चौथे संस्करण के विजेताओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इनाम दिए गए। यह स्पर्धा गेट्स फाउंडेशन और समग्र संस्था के तालमेल से आयोजित की गई थी।
फडणवीस ने उम्मीद जताई कि वित्त, उद्योग, उद्योजकता और तकनीक में देश को राह दिखाने वाला महाराष्ट्र अब स्टार्टअप की संख्या और उन पर अमल, दोनों में भारत की स्टार्टअप राजधानी बन चुका है। उनके मुताबिक यही ताकत और युवाओं की रिसर्च आगे चलकर महाराष्ट्र को दुनिया का इनोवेशन हब बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक स्पर्धा नहीं है। यह उन प्रतिभाओं और आइडिया को खोजने की पहल है जो महाराष्ट्र और देश के आने वाले प्रशासन को आकार देंगे। सरकार चाहती है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, डिजिटल प्रशासन, शहरीकरण, कृषि, आरोग्य, शिक्षा, हवामान बदल और नवोन्मेष परिसंस्था जैसे क्षेत्रों में नई पीढ़ी का नज़रिया प्रशासन में आए। सन 2047 तक विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका अहम होगी, ऐसा उन्होंने कहा।
फडणवीस ने कहा कि नागपुर, नाशिक, कोल्हापुर, नांदेड, अमरावती समेत राज्य के किसी भी हिस्से के युवा संशोधकों को मार्गदर्शक, तकनीक, इन्क्युबेशन और बाजार मिलना चाहिए। क्लासरूम के आइडिया से लेकर ग्लोबल कंपनी तक की पूरी नवोन्मेष चेन महाराष्ट्र में खड़ी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हैकेथॉन सिर्फ सर्टिफिकेट देकर खत्म नहीं होना चाहिए, असली बात यह है कि उसके आइडिया ज़मीन पर उतरें।
आंकड़ों पर आएं तो मुख्यमंत्री के मुताबिक देश के कुल स्टार्टअप में से 18 टक्के स्टार्टअप महाराष्ट्र में हैं। राज्य में 30 हजार से ज़्यादा स्टार्टअप हैं और यह संख्या देश में सबसे ज़्यादा है। नए आइडिया की रिसर्च, जांच और अमल के लिए स्टार्टअप, उद्योग और शैक्षणिक संस्थाओं का साथ आना ज़रूरी है, यह भी उन्होंने कहा।
राज्य का पहला समर्पित स्टार्टअप इन्क्युबेटर 'एम-हब' के तौर पर तैयार किया जा रहा है। नवी मुंबई में 300 एकड़ जगह पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अत्याधुनिक तकनीक पर केंद्रित 'इनोव्हेशन सिटी' बनाई जाएगी। महाराष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता धोरण 2026 के तहत दो लाख युवाओं और प्रोफेशनल को ट्रेनिंग दी जाएगी, और एआय आधारित रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एआय इन्क्युबेटर बनाए जाएंगे। फडणवीस ने भरोसा जताया कि सरकारी डेटा युवा नवोन्मेषकों के लिए नई रिसर्च का आधार बनेगा।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 87 विद्यापीठ, करीब पांच हजार 500 कॉलेज और 45 लाख से ज़्यादा विद्यार्थी हैं, जो कल का महाराष्ट्र गढ़ने की क्षमता रखते हैं। नए आइडिया लेकर आने वाले युवाओं को सरकार लगातार बढ़ावा देती रहेगी। 2015 से मुख्यमंत्री फेलोशिप की सात बैच के अलग-अलग क्षेत्रों के युवा प्रोफेशनल को वरिष्ठ प्रशासन के साथ सीधे काम करने का मौका मिला है। महाराष्ट्र ने 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2035 तक दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, और फडणवीस के मुताबिक इसमें नवोन्मेष मुख्य ताकत होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए महाराष्ट्र में अत्याधुनिक तकनीक बनाना और उसका ढांचा खड़ा करना राज्य का लक्ष्य है।
फाइनल राउंड में छह टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों के आइडिया पेश किए। आयआयएम मुंबई के शुभम पाटील, वरुण दामले और संहिता म्हात्रे ने आरोग्य पर, जे. जे. मेहता स्कूल ऑफ बिझनेस मुंबई के आयुष मेहता और निलेश ने कृषि पर, इंडियन स्कूल ऑफ बिझनेस के आरीशा बटाला, ऋतिक जैन और तरण पुरी ने शिक्षा पर, बीआयटीएस स्कूल ऑफ मॅनेजमेंट के श्रेष्ठा भट, तरुण शेखावत और अपूर्वा शर्मा ने वित्त पर प्रस्तुति दी। आयआयएम रांची के हिमांशू पाटील, मजहर शेख और मोहक चंदक ने 'इन्व्हेशन इन गव्हर्नन्स' पर, जबकि मास्टर्स युनियन स्कूल ऑफ बिझनेस के अंकिता शिर्के, सिद्धार्थ राजपाल और गुरुप्रसाद शेट्टी ने शहरी विकास पर अपने आइडिया रखे।
पहला इनाम पांच लाख रुपये नकद का रहा, जो शहर विकास पर प्रस्तुति देने वाली मास्टर्स युनियन स्कूल ऑफ बिझनेस की अंकिता शिर्के, सिद्धार्थ राजपाल और गुरुप्रसाद शेट्टी की टीम ने जीता। तीन लाख रुपये का दूसरा नकद इनाम शिक्षा पर प्रस्तुति देने वाली स्कूल ऑफ बिझनेस की आशीरा बाटला, तरण पुरी और ऋतिक जैन की टीम को मिला। एक लाख रुपये का तीसरा नकद इनाम आरोग्य पर आइडिया रखने वाली आयआयएम मुंबई की शुभम पाटील, वरुण दामले और संहिता म्हात्रे की टीम को मिला।