नितेश राणे का दावा: दिशा सालियान केस में नाम आने से विदेश गए आदित्य ठाकरे
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि आदित्य ठाकरे दिशा सालियान प्रकरण में नाम आने की वजह से विदेश चले गए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ठाकरे बंधुओं ने मोर्चा निकाला। इस मोर्चे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे मौजूद थे। बड़ी संख्या में नागरिक और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।
बताया जा रहा है कि आदित्य ठाकरे बीमार होने की वजह से मोर्चे में नहीं आए। इसी बात को लेकर मंत्री नितेश राणे ने बड़ा दावा किया। उनका कहना है कि आदित्य ठाकरे विदेश भाग गए हैं।
गर्जना मोर्चे के बहाने ठाकरे बंधु एक बार फिर एक ही मंच पर दिखे। इसलिए राजनीतिक गलियारों में मोर्चे की खूब चर्चा रही। अब महायुती के नेता इस पर हमलावर होते दिख रहे हैं।
नितेश राणे ने सीधे तौर पर कहा कि दिशा सालियान प्रकरण में नाम आ रहा है, इसलिए आदित्य ठाकरे विदेश भाग गए। राणे ने कहा, "मुझे लगता है इसीलिए मैं बार-बार यह मांग कर रहा हूं और अपनी चिंता जता रहा हूं। गंभीर अपराधों की जांच में अगर किसी व्यक्ति का नाम बार-बार सामने आ रहा हो, तो उस व्यक्ति से पूछताछ करके सही हालात की पड़ताल करना जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है।" उन्होंने यह भी कहा कि दिशा सालियान प्रकरण की जांच को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
मोर्चे में आदित्य ठाकरे की गैरमौजूदगी पर भी राणे ने बात की। उन्होंने कहा, "कल आदित्य ठाकरे मंच पर मौजूद नहीं थे। उनकी गैरहाजिरी की वजह बीमारी बताई गई। लेकिन इससे यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि वे देश से बाहर गए हैं या जाने की तैयारी में हैं। शायद देश से बाहर चले भी गए हों, उनके घर पर जांच करनी चाहिए।"
राणे ने आगे कहा, "मेरी बस इतनी ही मांग है कि अगर जांच एजेंसी को किसी व्यक्ति के विदेश जाने को लेकर कानूनी कारणों से शक या जरूरत लगती है, तो कानून में उपलब्ध प्रक्रिया का इस्तेमाल करे। लुकआउट नोटिस, पासपोर्ट जब्ती या कोई भी और कार्रवाई सिर्फ आरोपों पर नहीं, बल्कि ठोस सबूत और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होनी चाहिए। कोई कितने भी बड़े पद पर हो, जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, यही मेरा रुख है।"
इस तरह दिशा सालियान प्रकरण को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।