नवी मुंबई में १० फीसदी पानी कटौती फिलहाल रोकी गई, ३० नवंबर को फिर समीक्षा
मोर्बे बांध में पानी का मौजूदा स्टॉक देखकर नवी मुंबई महानगरपालिका ने कटौती अभी के लिए टाल दी है, बांधकाम साइटों के कनेक्शन भी फिर से शुरू होंगे।
नवी मुंबई महानगरपालिका इलाके में लागू १० फीसदी पानी कटौती को फिलहाल रोक दिया गया है। शहर के लोगों की पानी की जरूरत, मोर्बे बांध में मौजूद उपयोगी पानी का स्टॉक और अभी हो रहे पानी के इस्तेमाल का हिसाब लगाकर महानगरपालिका प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
दरअसल मौसम विभाग ने 'एल निनो' और 'आय.ओ.डी.' के अंदाजों के साथ-साथ ग्लोबल क्लाइमेट चेंज का भारतीय मानसून पर पड़ने वाले मुमकिन असर को देखते हुए इस साल औसत बारिश ९२ से ९४ फीसदी रहने का अंदाजा लगाया था। इसी वजह से पानी के मैनेजमेंट के लिहाज से मई २०२६ से नवी मुंबई महानगरपालिका इलाके में १० फीसदी पानी कटौती लागू की गई थी। साथ ही स्विमिंग पूल और चल रहे बांधकामों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई गई थी।
अब चल रहे बांधकाम साइटों के पानी के कनेक्शन दोबारा शुरू किए जाएंगे। लेकिन शर्त यह रखी गई है कि इन कनेक्शनों से मिलने वाला पानी सिर्फ मजदूरों और कर्मचारियों के पीने के काम आएगा। अगर पीने का पानी बांधकाम या किसी और काम में इस्तेमाल होता पाया गया, तो उस पानी कनेक्शन को तुरंत काट दिया जाएगा और जुर्माने की कार्रवाई भी होगी। स्विमिंग पूल के पानी का ज्यादा से ज्यादा दोबारा इस्तेमाल हो, इसके लिए पानी रीसाइक्लिंग की व्यवस्था करना और पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी कर दिया गया है।
१६ सितंबर २०२५ को मोर्बे बांध में कुल पानी का स्टॉक १०० फीसदी था, जबकि उपयोगी स्टॉक ८४.४० फीसदी था। इस साल १६ सितंबर २०२६ को बांध में कुल स्टॉक ९१.०३ फीसदी है और उपयोगी स्टॉक ७५ फीसदी है। पिछले साल के मुकाबले स्टॉक कम जरूर है, लेकिन मौजूदा हालत ठीकठाक होने और १० फीसदी कटौती से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए यह कटौती अगले आदेश तक रोक दी गई है।
मोर्बे बांध में मौजूद उपयोगी पानी के स्टॉक की ३० नवंबर २०२६ को पूरी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आगे के वक्त के लिए पानी सप्लाई की प्लानिंग तय होगी। उपलब्ध पानी का स्टॉक, असल में हो रहा पानी का इस्तेमाल और अगले साल के मानसून तक पानी की मुमकिन जरूरत का हिसाब लगाकर महानगरपालिका प्रशासन तय करेगा कि पानी कटौती जारी रखनी है या दोबारा लागू करनी है। इस बीच महानगरपालिका प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर और जिम्मेदारी से करें, ताकि पानी की बचत हो सके।