मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

नाशिक में विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर 36 गणेश मंडलों को नोटिस, अब कोर्ट में चलेगा मामला

नाशिक शहर पुलिस ने मुख्य विसर्जन जुलूस में ध्वनि प्रदूषण के नियम तोड़ने पर 36 सार्वजनिक गणेश मंडलों को कारण बताओ नोटिस दिया है।

नाशिक में विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर 36 गणेश मंडलों को नोटिस, अब कोर्ट में चलेगा मामला
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नाशिक शहर के 36 सार्वजनिक गणेश मंडलों का भविष्य अब सीधे अदालत के हाथ में होगा। मुख्य विसर्जन जुलूस में नियमों को ताक पर रखकर DJ का तेज शोर करने का आरोप इन मंडलों पर है। नाशिक शहर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर ध्वनि प्रदूषण करने के मामले में इन सभी मंडलों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। इन्हें जिला व सत्र न्यायालय और नाशिकरोड कोर्ट में खींचा जाएगा।

शुक्रवार (दि. 25) को जुलूस के दौरान इन 36 मंडलों ने बहुत तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाया था। सरकारवाड़ा, पंचवटी और देवलाली कैंप पुलिस की विशेष टीमों ने इस शोर को डेसिबल के हिसाब से तकनीकी तौर पर सटीक दर्ज किया है।

नोटिस पाने वालों में रोकडोबा, शिवसेवा, युवक, युनाइटेड, दंडे हनुमान, महालक्ष्मी चाल, शिवस्य जनसेवा, हिंदू एकता, भोईराज और नेहरू चौक मित्र मंडल शामिल हैं। इन 10 मंडलों पर दो-दो केस दर्ज होंगे।

इनके अलावा गुलालवाडी, रविवार कारंजा, भद्रकाली, सूर्यप्रकाश, गणेश मूकबधिर, श्रीमान सत्यवादी, वेलकम सहकार्य, नवक्रांति, शैनेश्वर, गजानन, वंदे मातरम्, तरुण मित्र, गवली वाडा, गोल्डन बॉयज़, एसएनजी, सहाव्या गल्ली का राजा और युवक क्रांति मित्र मंडल, यानी 17 मंडलों पर एक-एक केस कोर्ट में चलेगा।

नोटिस के मुताबिक संबंधित मंडलों के अध्यक्ष, जिम्मेदार पदाधिकारी और DJ ऑपरेटर को पुलिस के सामने हाजिर होकर लिखित और मौखिक जवाब देना होगा। लेकिन पुलिस ने आवाज की तीव्रता के डिजिटल सबूत पहले ही जमा कर लिए हैं। इसलिए पदाधिकारी कोई भी सफाई दें, उन्हें कोर्ट में केस का सामना करना ही पड़ेगा।

इन केसों की वजह से पदाधिकारियों को अदालत के चक्कर काटने पड़ेंगे और कानूनी सजा की तलवार भी सिर पर लटकी रहेगी। इससे मंडल कार्यकर्ताओं में घबराहट है।

रविवार (दि. 27) को पुराने नाशिक इलाके में निकले 'जुलूस-ए-गौसिया' जुलूस में भी ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि गणेश मंडलों की तरह इस जुलूस के आयोजकों को भी कोर्ट में खींचा जाएगा।

पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों में अदालत से कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर संबंधित मंडलों के पदाधिकारियों और DJ चालकों को 5 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, या दोनों सजाएं भी हो सकती हैं।

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