नाशिक-आग्रा हाईवे पर ट्रक हादसा: पालक मंत्री गिरीश महाजन खुद ट्रक पर चढ़े, ड्राइवर को बचाया
नाशिक जिले के निफाड तालुका में ओझर के पास कोकणगांव शिवार में हुए भीषण हादसे में मंत्री गिरीश महाजन ने खुद पहल कर ट्रक ड्राइवर की जान बचाई।
नाशिक-आग्रा हाईवे पर हुए एक भीषण हादसे में फंसे ट्रक ड्राइवर की जान राज्य के मंत्री गिरीश महाजन की फुर्ती की वजह से बच गई। निफाड तालुका के ओझर के पास कोकणगांव शिवार में यह हादसा हुआ, और नाशिक के पालक मंत्री की तत्परता और संवेदनशीलता की वजह से ड्राइवर को नया जीवन मिला।
बुधवार, 23 सितंबर 2026 की दोपहर पालक मंत्री गिरीश महाजन नाशिक जिले के दौरे पर थे और उनका काफिला मुंबई-आग्रा हाईवे से गुजर रहा था। उसी दौरान ओझर के पास कोकणगांव के नजदीक एक भीषण हादसा हुआ, जो उनकी नजर में आया। एक मालवाहक ट्रक का कंट्रोल ड्राइवर के हाथ से छूट गया था, जिसकी वजह से जोरदार टक्कर लगी और ट्रक हादसे का शिकार हो गया।
हादसा इतना भयानक था कि ट्रक का केबिन पूरी तरह पिचक गया था और ड्राइवर गंभीर हालत में उन लोहे के टुकड़ों में फंस गया था। दर्द से कराहता हुआ ड्राइवर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था।
मामले की गंभीरता को समझते हुए पालक मंत्री गिरीश महाजन ने एक पल की भी देर किए बिना अपने काफिले को तुरंत रोकने को कहा। वे खुद गाड़ी से उतरे और सीधे हादसे वाले ट्रक की तरफ दौड़े। केबिन में खून से लथपथ और गंभीर हालत में फंसे ड्राइवर को देखते ही उन्होंने बिना किसी राजशिष्टाचार की परवाह किए खुद ट्रक पर चढ़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
इस मुश्किल घड़ी में पालक मंत्री के साथ मौजूद विधान परिषद के विधायक गोकुळ गीते ने भी तुरंत आगे आकर मदद की। मंत्री गिरीश महाजन और विधायक गोकुळ गीते ने मिलकर पूरी ताकत लगाते हुए केबिन की रुकावटों को हटाया। दोनों नेताओं ने साथ मिलकर बड़ी मुश्किल से जूझते हुए घायल ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला।
ड्राइवर के बाहर आते ही उसे फौरन एम्बुलेंस से पास के अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। समय पर मिली इस मेडिकल मदद और पालक मंत्री की फुर्ती की वजह से ड्राइवर की जान बच गई, ऐसा डॉक्टरों ने बताया।
एक मंत्री खुद अपनी जान की परवाह किए बिना आगे आकर मदद कर रहा है, यह देखकर हादसे की जगह मौजूद आम लोगों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने गिरीश महाजन की इस तत्परता की खूब तारीफ की और कहा कि नेताओं में ऐसी संवेदनशीलता कम ही देखने को मिलती है।