नागपुर रेलवे पुलिस के छह स्टेशनों में अकोला GRP दूसरे नंबर पर, 326 FIR दर्ज
नागपुर रेलवे पुलिस के इलाके में छह रेलवे पुलिस स्टेशन आते हैं। इनमें दर्ज हुए गुनाहों के आंकड़े देखें तो अकोला GRP पुलिस स्टेशन दूसरे नंबर पर है। ये छह स्टेशन हैं नागपुर, अकोला, वर्धा, बडनेरा, गोंदिया और इतवारी।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नागपुर GRP में 656 FIR दर्ज हुईं। अकोला में 326, वर्धा में 279, बडनेरा में 185, गोंदिया में 170 और इतवारी में 65 FIR दर्ज की गईं। इस तरह सबसे ज्यादा गुनाह नागपुर रेलवे पुलिस स्टेशन की हद में दर्ज हुए।
खास बात यह है कि अकोला का आंकड़ा वर्धा, बडनेरा, गोंदिया और इतवारी, इन चारों पुलिस स्टेशनों से ज्यादा है। अकोला GRP की तरफ से समय-समय पर अलग-अलग कार्रवाई करके आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी जाती है। लेकिन इन आंकड़ों से यह सवाल उठ रहा है कि छोटी-मोटी कार्रवाइयों के प्रचार के मुकाबले, कुल गुनाहों को रोकने के लिए लंबे समय के और असरदार उपाय कितने कारगर साबित हो रहे हैं। इसलिए अकोला GRP के कामकाज की समीक्षा करना जरूरी हो गया है।
अकोला रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका मुसाफिरों की भारी भीड़ वाला है। यहां मुसाफिरों के मोबाइल, सामान और कीमती चीजों की चोरी समेत कई तरह के गुनाह रोकना रेलवे पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। गुनाहों की बढ़ती तादाद को देखते हुए ज्यादा असरदार गश्त, सीसीटीवी से निगरानी, संदिग्धों पर नजर और आदतन गुनहगारों की हरकतों पर काबू रखने की जरूरत बताई जा रही है।
आंकड़ों से दिख रहा है कि अकोला रेलवे पुलिस स्टेशन की हद में गुनाहों का ग्राफ बढ़ रहा है। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात को गंभीरता से लेने की जरूरत है। गुनाह होने के बाद ही कार्रवाई करने के बजाय, गुनाह होने से पहले रोकथाम के उपाय करना जरूरी है। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और संवेदनशील जगहों पर लगातार गश्त बढ़ाना भी जरूरी बताया गया है।
मुसाफिरों की सुरक्षा के लिहाज से अकोला GRP के काम करने के तरीके और गुनाह रोकने के उपायों की नियमित समीक्षा होना भी जरूरी है।