नागपुर में पेंशन कार्ड के नाम पर साइबर ठगी, रिटायर्ड कर्मचारी के 5.5 लाख उड़ाए
अज्नी पुलिस स्टेशन इलाके में रहने वाले 60 साल के रिटायर्ड कर्मचारी को लिंक भेजकर बैंक डिटेल्स लीं और खाते से पैसे निकाल लिए।
नागपुर के अज्नी पुलिस स्टेशन इलाके में साइबर ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर एक 60 साल के रिटायर्ड कर्मचारी को अपना शिकार बनाया है। पीड़ित को एक लिंक भेजा गया था, जिस पर बैंकिंग डिटेल्स डालने के बाद उसके खाते से करीब 5.5 लाख रुपये उड़ा लिए गए।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक पीड़ित बांधकाम विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी है और श्रीनगर स्थित इम्प्रेस मिल सोसाइटी में रहता है। 16 सितंबर को उसे एक अनजान मोबाइल नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पेंशन कार्ड प्रोसेस से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए पूछा कि क्या उसका पेंशन कार्ड आ गया है।
इसके बाद कॉलर ने पीड़ित को एक लिंक भेजा और कहा कि पेंशन कार्ड बनाने के लिए जरूरी जानकारी उस लिंक पर भरनी होगी। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ने वह लिंक खोला और बताए गए तरीके से अपने बैंक अकाउंट और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी वहां डाल दी।
यह जानकारी हाथ लगते ही साइबर ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करके करीब 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पैसे निकल जाने के बाद ही पीड़ित को इस ठगी का पता चला, जिसके बाद उसने अज्नी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर अज्नी पुलिस ने उस मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ, जिससे पीड़ित को कॉल किया गया था, संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस मोबाइल नंबर को ट्रेस करने के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और इससे जुड़े दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉलर या मैसेज से आए लिंक पर बैंक अकाउंट डिटेल्स, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, ओटीपी, पिन या कोई भी दूसरी फाइनेंशियल जानकारी शेयर न करें, चाहे कॉलर खुद को किसी सरकारी विभाग या पेंशन से जुड़ी सर्विस का बताए।