नागपुर में दो किशोरों ने कराया 258 खिलाड़ियों का शतरंज टूर्नामेंट
17 साल के वरद गावंडे और 16 साल की शनाया शेळकर ने NextGen 3rd Open One Day Rapid Chess Tournament 2026 का आयोजन किया।
नागपुर: जिस उम्र में ज्यादातर किशोर पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों में लगे रहते हैं, उस उम्र में 17 साल के वरद गावंडे और 16 साल की शनाया शेळकर ने एक बड़े खेल आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने NextGen 3rd Open One Day Rapid Chess Tournament 2026 के लिए 258 शतरंज खिलाड़ियों को एक जगह जमा किया।
यह टूर्नामेंट NextGen Chess Tournaments के तहत हुआ और इसे Chess Association Nagpur की मान्यता मिली हुई थी। 27 सितंबर को यह वसंत नगर में दीक्षाभूमि रोड पर गवर्नमेंट ITI के पास डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय भवन में खेला गया।
258 खिलाड़ियों के साथ यह अब तक का NextGen का सबसे बड़ा टूर्नामेंट बन गया। पहले एडिशन में करीब 148 खिलाड़ी आए थे और दूसरे में 233। यानी तीन एडिशन में खिलाड़ियों की गिनती 148 से 233 और अब 258 तक पहुंची है, जिससे इस पहल की बढ़ती पहुंच दिखती है।
खेल 10 मिनट प्लस पांच सेकंड इंक्रीमेंट के टाइम कंट्रोल पर हुआ। ओपन कैटेगरी के साथ अलग-अलग उम्र वर्ग और खास कैटेगरी में भी मुकाबले हुए। इनमें अंडर-7, अंडर-9, अंडर-12, अंडर-15 और अंडर-19 शामिल थे, और लड़कों और लड़कियों के सेक्शन अलग-अलग रखे गए। वेटरन्स, अनरेटेड और दिव्यांग खिलाड़ियों की कैटेगरी भी थी।
इस टूर्नामेंट की खास बात सिर्फ खिलाड़ियों की गिनती नहीं थी, बल्कि इसे कराने वालों की उम्र भी थी। वरद और शनाया ने प्लानिंग और जगह के इंतजाम से लेकर रजिस्ट्रेशन, खिलाड़ियों और पैरेंट्स से बातचीत, प्रचार, टूर्नामेंट के दिन का तालमेल और इनाम बांटने तक हर काम में हिस्सा लिया।
ढाई सौ से ज्यादा लोगों वाले आयोजन में दोनों को कई काम एक साथ संभालने पड़े। साथ ही यह भी देखना था कि खिलाड़ियों और उनके पैरेंट्स को जरूरी सुविधाएं मिलें। इस तरह नागपुर के शतरंज खिलाड़ियों को एक और मुकाबले का मौका मिला, और इन युवा आयोजकों को लीडरशिप, इवेंट मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन और टीमवर्क का सीधा तजुर्बा हुआ।
आयोजकों ने अलग-अलग कैटेगरी में कैश इनाम, ट्रॉफी और मेडल दिए। ओपन कैटेगरी के विजेता को 2 फीट 10 इंच की खास चैंपियनशिप ट्रॉफी मिली, जो पुणे से मंगवाई गई थी।
खिलाड़ियों और साथ आए पैरेंट्स के इंतजाम पर भी ध्यान दिया गया। वेन्यू पर बैठने की जगह, पार्किंग, पीने का पानी, वॉशरूम और नाश्ते व चाय का स्टॉल था।
इस बार अब तक की सबसे ज्यादा भागीदारी मिलने पर आयोजकों का कहना है कि इस response से उन्हें नागपुर के शतरंज खिलाड़ियों के लिए आगे भी मुकाबले कराने की हिम्मत मिली है। उनके मुताबिक यह भी साफ हुआ कि शहर में खेल आयोजन कराने में किशोर भी आगे आ सकते हैं।