नागपुर में देश की सबसे बड़ी सोलर इकोसिस्टीम, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया दौरा
अतिरिक्त बुटीबोरी में अवादा समूह के सोलर मॉडल प्लांट को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देखा और उद्योगपतियों को निवेश का न्योता दिया
नागपुर में देश की सबसे बड़ी सोलर मॉडल इकोसिस्टीम आकार ले रही है और अगले दस साल में यह शहर इस क्षेत्र का हब बन जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कही और उद्योगपतियों से इस सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश करने की अपील की।
मुख्यमंत्री फडणवीस अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में अवादा समूह के प्लांट पर पहुंचे और वहां सोलर मॉडल की निर्माण प्रक्रिया देखी। इसके बाद उन्होंने उद्योगपतियों से बातचीत की। अवादा समूह के फाउंडर और चेयरमैन विनीत मित्तल ने मुख्यमंत्री का खास इंटरव्यू भी लिया, जिसमें राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और मुंबई में आने वाले बदलावों पर चर्चा हुई।
नए नागपुर प्रोजेक्ट के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां स्मार्ट इंडस्ट्री के लिए पूरा इकोसिस्टीम तैयार किया जा रहा है और प्रोजेक्ट के लिए 50 फीसदी से ज्यादा जमीन अधिकृत हो चुकी है। निवेश को भी लगातार बढ़ावा मिल रहा है। देश का पहला सोलर मॉडल इसी अतिरिक्त बुटीबोरी क्षेत्र में तैयार हो रहा है। अवादा समूह को अपने प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 250 एकड़ जमीन चाहिए थी, जो देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने खुद की।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अतिरिक्त बुटीबोरी क्षेत्र में उद्योगों के लिए अधिग्रहित जमीन अब खत्म हो चुकी है, इसलिए तीसरी अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक कॉलोनी बनाने की योजना है। साथ ही वर्धा जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी चल रहा है।
उन्होंने अवादा को सोलर मॉडल बनाने वाला सबसे बड़ा सुपर उद्योग बताया और कहा कि एडवांस इंटिग्रेशन की वजह से यहां स्मार्ट मॉड्यूल तैयार हो रहे हैं। भूमिपूजन के बाद यह प्रोजेक्ट तेजी से पूरा हुआ है और आज यहां पांच हजार मजदूर काम कर रहे हैं, यह जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
उद्योगपतियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टील उद्योग के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और उद्योगपतियों को सस्ती बिजली कैसे मिले, इस दिशा में कोशिशें जारी हैं। उनके मुताबिक 2029 तक उद्योगों को सस्ती बिजली मिलने लगेगी। सोलर बैटरी स्टोरेज पर भी काम हो रहा है, ताकि 24 घंटे बिजली उपलब्ध रह सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इससे उद्योगों को बिजली की दिक्कत नहीं रहेगी।
उन्होंने बताया कि गडचिरोली नई स्टील सिटी के रूप में उभर रहा है और वहां चार लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। साथ ही बेल्जियम की एक कंपनी के साथ गडचिरोली में ग्रीन स्टील बनाने को लेकर एक समझौता भी हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में दिन ब दिन सड़कें और बाकी सुविधाएं बढ़ रही हैं, इसलिए बाहर से आने वाला निवेश अब नागपुर में बढ़े, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए उद्योगों को जमीन, बिजली, पानी और अच्छा प्रशासन देने के लिए महाराष्ट्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।