मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
16:41 IST

नागपुर के MRO में बोइंग 737-800 पर पहली बार लगा नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम

एआईईएसएल के नागपुर MRO ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के बोइंग 737-800 में नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम का मॉडिफिकेशन पूरा किया।

नागपुर के MRO में बोइंग 737-800 पर पहली बार लगा नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

विमानों के फ्यूल टैंक को आग से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। मकसद यह है कि हादसे या आग लगने की हालत में ईंधन के तेजी से आग पकड़ने का खतरा कम हो। इसी कड़ी में एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल) के एमआरओ ने एक अहम काम पूरा किया है।

एआईईएसएल के एमआरओ ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के बोइंग 737-800 विमान वीटी-एएक्सएम में पहली बार नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम का मॉडिफिकेशन कामयाबी से पूरा किया। यह विमान कन्नूर से आया था। मॉडिफिकेशन के बाद इसने रात 7 बजे कन्नूर के लिए टेकऑफ किया।

फ्यूल टैंक में ईंधन के ऊपर जो खाली जगह होती है, वहां ज्वलनशील वाष्प और ऑक्सीजन मौजूद रहती है। आग लगने की हालत में यह खतरा बढ़ा सकती है। नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम का मकसद टैंक के माहौल में ऑक्सीजन की मात्रा को काबू में रखना है। इससे आग लगने या फैलने की संभावना घटाने में मदद मिलती है।

बोइंग 737-800 में इस सिस्टम का पहली बार सफल मॉडिफिकेशन एआईईएसएल के इंजीनियरिंग और एमआरओ संचालन के लिए बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि इससे कंपनी की विमान मॉडिफिकेशन और मेंटेनेंस की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक फ्यूल टैंक की सुरक्षा में यह तकनीकी सुधार अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों के अनुरूप है। नाइट्रोजन जनरेशन सिस्टम (NGS) चालू होने पर ईंधन टैंक के अंदर अक्रिय गैस का दबाव बना रहता है। इससे किसी अचानक घर्षण या आपात हालत में आग फैलने का खतरा लगभग नगण्य हो जाता है।

एआईईएसएल ने इस आधुनिक तकनीक को कामयाबी से लागू किया है, इसलिए घरेलू विमानन उद्योग में मुसाफिरों की सुरक्षा का स्तर और ऊपर जाएगा।

नागपुर की एआईईएसएल एमआरओ सुविधा में इस पेचीदा इंजीनियरिंग काम का सफल होना बताता है कि यह केंद्र अब बड़े स्तर के बोइंग विमानों के तकनीकी बदलाव करने में पूरी तरह सक्षम है।

इस उपलब्धि के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस समेत दूसरी बड़ी एयरलाइंस के और विमानों को ऐसे सुरक्षा अपग्रेड के लिए नागपुर लाने का रास्ता खुल गया है। इससे मध्य भारत में नागपुर एविएशन मेंटेनेंस और ओवरहाल के बड़े हब के तौर पर और मजबूती से उभरेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे