नागपुर के बिजनेसमैन को फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप के जरिए 25.79 लाख का चूना
व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी ऐप के जरिए ठगों ने दिखाए मुनाफे के झूठे आंकड़े, साइबर पुलिस में केस दर्ज
नागपुर के मानिष नगर में रहने वाले 55 साल के एक बिजनेसमैन के साथ साइबर ठगों ने कथित तौर पर 25 लाख 79 हजार 276 रुपए की ठगी कर ली। आरोप है कि ठगों ने एक फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप के जरिए ज्यादा रिटर्न का लालच देकर उनसे यह रकम ऐंठी।
पुलिस के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि ठगों ने सबसे पहले बिजनेसमैन से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया। उन्होंने इन्वेस्टमेंट से जुड़े विज्ञापन और मैसेज भेजकर अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाया। धीरे-धीरे भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया और पैसे इन्वेस्ट करने के लिए राजी कर लिया।
यह व्हाट्सऐप ग्रुप "MOFSL VIP 814" नाम से बनाया गया था, जिसमें इन्वेस्टमेंट, कथित मुनाफे और दूसरे मेंबर्स के ट्रांजैक्शन से जुड़े मैसेज शेयर किए जाते थे। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर बिजनेसमैन से "MOFSL Pro" नाम का एक ऐप डाउनलोड करवाया। इस ऐप में उनकी इन्वेस्ट की गई रकम और उस पर मिलने वाले कथित रिटर्न दिखाए जाते थे, जिससे यह भरोसा हो गया कि उनका पैसा लगातार मुनाफा कमा रहा है।
इस स्कीम को असली समझकर बिजनेसमैन ने अपने एचडीएफसी बैंक अकाउंट से आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए कई बार आरोपियों के बताए बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर किए। इस तरह कई ट्रांजैक्शन में कुल मिलाकर कथित तौर पर 25 लाख 79 हजार 276 रुपए ट्रांसफर हो गए।
जब बिजनेसमैन ने बाद में अपनी इन्वेस्टमेंट वापस निकालने की कोशिश की, तो वे पैसे नहीं निकाल पाए। आरोप है कि आरोपियों ने इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद बिजनेसमैन को लगा कि वे शायद साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं।
इसके बाद पीड़ित बिजनेसमैन ने साइबर पुलिस से संपर्क किया, जहां 22 सितंबर को केस दर्ज किया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी, पहचान से जुड़ी ठगी और जालसाजी से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के लागू प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारी मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप ग्रुप, फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप और आरोपियों द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट्स की जांच कर रहे हैं। जिन अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर किए गए, उनकी ट्रांजैक्शन ट्रेल की भी जांच की जा रही है।
अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और ठगी गई रकम को फ्रीज या रिकवर करने की कोशिश में जुटी है। साथ ही पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनजान ऐप डाउनलोड करने या अनजान लोगों के बताए अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने से पहले ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट ऑफर्स की अच्छी तरह जांच कर लें।