मुंबई लोकल में 'कवच 5.0' आएगा, फेरे 30 टक्के तक बढ़ने का रास्ता खुलेगा
मुंबई की उपनगरीय लोकल के लिए स्वदेशी स्वचालित ब्रेक प्रणाली 'कवच 5.0' लाई जा रही है, जिससे फेरे 30 टक्के बढ़ सकेंगे।
मुंबईकरों की लाइफलाइन कही जाने वाली उपनगरीय रेलवे को ज्यादा सुरक्षित और तेज बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों के बाद अब मुंबई की लोकल गाड़ियों के लिए भी स्वदेशी स्वचालित ब्रेक प्रणाली, यानी 'कवच 5.0', लाई जा रही है। इस आधुनिक प्रणाली की वजह से आने वाले समय में लोकल के फेरों में पूरे 30 टक्के की बढ़ोतरी का रास्ता खुल जाएगा।
अभी मुंबई उपनगरी रेलवे में विभागवार सिग्नल यंत्रणा चलती है। इसमें एक गाड़ी जब किसी विभाग से पूरी तरह आगे निकल जाती है, तभी उसके पीछे वाली गाड़ी को अगले विभाग में दाखिल होने दिया जाता है। इस नियम की वजह से दो गाड़ियों के बीच सुरक्षित दूरी रखनी पड़ती है और इसी कारण लोकल के फेरे बढ़ाने की एक हद बन जाती है।
इसी दिक्कत से निपटने के लिए 'कवच 5.0' विकसित की गई है। यह एक उन्नत स्वदेशी रेलवे सुरक्षा प्रणाली है। यह पटरियों पर लगे उपकरणों, इंजन में लगी यंत्रणा और उपग्रह (सैटेलाइट) की मदद से गाड़ियों की सही रफ्तार और उनकी जगह पर लगातार नजर रखती है। खास बात यह है कि अगर चालक से कोई तकनीकी चूक हो जाए या उसका ध्यान भटक जाए, तो यह प्रणाली अपने आप ब्रेक लगा देती है और संभावित हादसा टाल देती है।
रेलवे प्रशासन की तरफ से इस प्रोजेक्ट की तैयारी तेजी से चल रही है। पश्चिम रेलवे पर इस यंत्रणा के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा दिसंबर 2026 के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुनियादी काम खत्म होने के बाद अगले दो महीनों में तकनीकी जोड़ने का काम किया जाएगा।
मार्च 2027 से बोरिवली से विरार के बीच चार स्टेशनों के रूट पर इस प्रणाली के असली ट्रायल शुरू होंगे। जून 2027 तक अलग-अलग चरणों में ये ट्रायल कामयाबी से पूरे किए जाएंगे।
पांचवीं और छठी लाइन प्रोजेक्ट के तहत बोरिवली में एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग इमारत भी बनाई जा रही है। मौजूदा पारंपरिक सिग्नल यंत्रणा और नई आने वाली 'कवच 5.0' प्रणाली को ठीक से जोड़ने के लिए यह इमारत बहुत अहम होगी। रेलवे अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि यह यंत्रणा पूरी क्षमता से चालू होने के बाद मौजूदा बुनियादी सुविधाओं पर ही गाड़ियां ज्यादा तेजी और सुरक्षा के साथ चलाना मुमकिन होगा।