मुनगंटीवार ने म्हाडा से मांगे बल्लारपुर में 1 हजार घर, जयस्वाल का आश्वासन
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुंबई में म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल से मुलाकात कर बल्लारपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 हजार घरकुल बनाने की मांग रखी।
बल्लारपुर में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए घर बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाने के लिए विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुंबई में म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल से मुलाकात की। जयस्वाल म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं।
मुनगंटीवार ने मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बल्लारपुर में आम लोगों को सस्ते दाम पर 1 हजार घरकुल बनाने के लिए जरूरी प्रस्ताव तैयार कर पेश किया जाए और उस पर तुरंत कार्रवाई हो। उनका कहना था कि बल्लारपुर शहर में घरों की जरूरत है। इस प्रस्ताव का मुख्य मकसद यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवार अपने घर का सपना पूरा कर सकें।
बैठक में नवी मुंबई नहीं, बल्कि नवीन चंद्रपुर का मुद्दा भी उठा। वहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2004 घरकुलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। मुनगंटीवार ने इन मंजूर घरकुलों की आगे की प्रक्रिया तेज करने की बात रखी, ताकि पात्र लाभार्थियों को इसका फायदा मिले और प्रोजेक्ट के जरूरी चरण जल्दी पूरे हों। बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने सरकार और म्हाडा के स्तर पर पहले से लगातार पीछा किया था।
तीसरा मुद्दा चंद्रपुर में म्हाडा परिसर की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं का था। मुनगंटीवार ने कहा कि घर देने के साथ-साथ उस इलाके में अच्छी सड़कें, पानी, बिजली, निकासी और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिलना भी उतना ही जरूरी है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि घर मिल जाए, पर वहां तक पहुंचने के लिए सड़क न हो या इलाके में बुनियादी सुविधाएं न हों। उन्होंने म्हाडा के अधिकारियों से इस पर जरूरी कार्रवाई की मांग की।
मुनगंटीवार का कहना है कि घरकुल सिर्फ चार दीवारों का मामला नहीं है। यह परिवार की सुरक्षा, स्थिरता और इज्जत से जुड़ा सवाल है। इसलिए वे प्रोजेक्ट की मंजूरी से लेकर उसके असल अमल तक संबंधित विभागों के पीछे लगे रहने की भूमिका में हैं।
संजीव जयस्वाल ने मांगों पर सकारात्मक जवाब दिया और जरूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आने वाले तीन दिनों में जूम बैठक करने का भरोसा भी दिया है। सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के सवाल पर भी सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।
मुंबई की इस बैठक में चंद्रपुर के मंजूर 2004 घरकुलों की आगे की कार्रवाई, बल्लारपुर के प्रस्तावित 1 हजार घरकुल और म्हाडा परिसर की सड़कों व सुविधाओं, इन तीनों विषयों पर चर्चा हुई। इससे चंद्रपुर और बल्लारपुर के जरूरतमंद लोगों के घर के सवाल को प्रशासनिक स्तर पर नई रफ्तार मिलने का रास्ता खुला है।