MSRTC लाएगा 200 AC लग्जरी स्लीपर बस, नागपुर-मुंबई और नागपुर-पुणे रूट पर नजर
प्राइवेट बसों को टक्कर देने के लिए महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन का बड़ा प्लान, नागपुर डिवीजन ने भेजा प्रपोजल।
महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन यानी MSRTC अब एसी लग्जरी स्लीपर बस सेगमेंट में बड़ी एंट्री की तैयारी में है। कॉर्पोरेशन करीब 200 प्रीमियम बसें अपने बेड़े में शामिल करने की सोच रहा है, ताकि लंबी दूरी के रूट पर मजबूत पकड़ बना चुकी प्राइवेट बसों को टक्कर दी जा सके।
अगर यह प्लान आगे बढ़ता है तो स्टेट ट्रांसपोर्ट से सफर करने वाले पैसेंजरों के लिए लंबी दूरी का सफर काफी बदल सकता है। इस बेड़े में एसी स्लीपर और लग्जरी बसें शामिल होंगी, और MSRTC का फोकस कम्फर्ट, सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और पैसेंजर सर्विस बेहतर करने पर रहेगा।
नागपुर की बात करें तो नागपुर डिवीजन ने नागपुर-मुंबई और नागपुर-पुणे कॉरिडोर पर नई एसी स्लीपर सर्विस शुरू करने का प्रपोजल भेजा है। दोनों ही रूट को ऐसे मेजर लॉन्ग-डिस्टेंस कॉरिडोर के तौर पर पहचाना गया है जहां पैसेंजरों की डिमांड काफी ज्यादा है।
लोकल MSRTC अधिकारियों के मुताबिक यह प्रपोजल कॉर्पोरेशन के मुंबई हेडक्वार्टर को भेज दिया गया है। नागपुर डिवीजन को आखिर में कितनी बसें मिलेंगी, यह फैसला हेडक्वार्टर डिमांड और ऑपरेशनल जरूरतों को परखने के बाद लेगा।
यह कदम MSRTC की लॉन्ग-डिस्टेंस स्ट्रैटेजी में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि शहरों के बीच सफर करने वाले पैसेंजरों में प्राइवेट लग्जरी बसों की पकड़ पहले से ही काफी मजबूत हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मकसद यही है कि जो पैसेंजर अभी प्राइवेट ऑपरेटर चुनते हैं, उन्हें बेहतर कम्फर्ट, सेफ्टी, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और भरोसेमंद सर्विस देकर MSRTC के बैनर तले वापस लाया जाए।
कॉर्पोरेशन बड़े पैमाने पर वॉल्वो बसें भी शामिल करने की प्लानिंग कर रहा है, जो अपने एडवांस सस्पेंशन सिस्टम, पैसेंजर कम्फर्ट और बेहतर सेफ्टी टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाती हैं। उम्मीद है कि यह नया बेड़ा आम स्टेट ट्रांसपोर्ट बसों के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रीमियम अनुभव देगा।
MSRTC के पुराने ऑपरेटिंग मॉडल से हटकर इस बार कॉर्पोरेशन पैसेंजर हॉस्पिटैलिटी से जुड़े काम के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को लाने की सोच रहा है। ट्रेंड स्टाफ को पैसेंजरों की मदद, सफाई और सफर के दौरान बेसिक जरूरतें पूरी करने के लिए तैनात किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक ड्राइवर पहले की तरह MSRTC के ही एम्प्लॉयी बने रहेंगे। यह अरेंजमेंट कॉर्पोरेशन की शिवाई-ई इलेक्ट्रिक बसों में इस्तेमाल हो रहे कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड मॉडल जैसा ही होगा। यानी MSRTC के ड्राइवर और प्राइवेट तरीके से मैनेज होने वाली पैसेंजर सर्विस, दोनों को मिलाकर कोर ड्राइविंग ऑपरेशन को आउटसोर्स किए बिना सर्विस एक्सपीरियंस बेहतर किया जाएगा।
250 किलोमीटर से ज्यादा और पांच-छह घंटे या उससे लंबे सफर के लिए MSRTC 45-सीटर प्रीमियम लग्जरी बसों का प्रपोजल रख रहा है। रात के सफर के लिए कॉर्पोरेशन 30-बर्थ और 45-बर्थ स्लीपर बसें उतारने की सोच रहा है, जिससे पैसेंजर लंबी दूरी ज्यादा आराम से तय कर सकें। नागपुर से मुंबई और पुणे जाने वाले रूट पर स्लीपर बसें खासतौर पर अहम साबित हो सकती हैं, क्योंकि यहां रात का सफर उन पैसेंजरों के लिए एक बड़ा ऑप्शन है जो फ्लाइट के खर्च या झंझट से बचना चाहते हैं।
MSRTC नई सर्विस के लिए अपने डिजिटल बुकिंग सिस्टम को भी मजबूत करने की तैयारी में है। पैसेंजर कॉर्पोरेशन के ऑनलाइन रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म से सीट बुक कर सकेंगे, साथ ही प्राइवेट डिजिटल ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर भी बुकिंग उपलब्ध कराने का प्रपोजल है। पैसेंजर मोबाइल पर ही रूट, डिपार्चर टाइमिंग और सीट अवेलेबिलिटी चेक कर पाएंगे, जिससे प्राइवेट बस-बुकिंग ऐप के आदी पैसेंजरों को यह नई सर्विस ज्यादा आसान लगेगी। मकसद यह है कि MSRTC और प्राइवेट लग्जरी बस ऑपरेटरों के बीच टेक्नोलॉजी और सुविधा का फासला कम किया जाए।
फाइनल रूट प्लान पैसेंजर डिमांड, मौजूदा MSRTC सर्विस, सफर की दूरी, टाइम और फाइनेंशियल फिजिबिलिटी जैसे कई फैक्टर परखने के बाद तैयार किया जाएगा। कॉर्पोरेशन राज्य के भीतर के बड़े रूट के साथ-साथ कुछ चुनिंदा इंटर-स्टेट कॉरिडोर पर भी नजर रखेगा, जहां अभी प्राइवेट लग्जरी बसों की डिमांड काफी ज्यादा है। नागपुर के लिए प्रपोजल में शामिल नागपुर-मुंबई और नागपुर-पुणे सर्विस पैसेंजरों को स्टेट ट्रांसपोर्ट की भरोसेमंदी और प्राइवेट सेक्टर जैसी लग्जरी, दोनों एक साथ दे सकती हैं। पहले फेज में 200 एसी लग्जरी बसों के प्रपोजल के साथ MSRTC की यह स्ट्रैटेजी साफ दिखाती है कि कॉर्पोरेशन अपनी पुरानी छवि से आगे बढ़कर उस सेगमेंट में सीधे मुकाबला करना चाहता है, जिस पर अब तक ज्यादातर प्राइवेट ऑपरेटरों का दबदबा रहा है।