मौसमी चटर्जी बोलीं, बेटी को कहा - बॉयफ्रेंड रखो पर शादी करना जरूरी नहीं
एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी ने जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपनी बेटी को शादी को लेकर खुलकर सलाह दी, और अपने कम उम्र में हुए ब्याह का किस्सा भी सुनाया।
बॉलिवूड की मशहूर एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी ने महज सोलह साल की उम्र में एक्टिंग शुरू कर दी थी। साल 1967 में आई बांग्ला फिल्म 'बालिका वधू' से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने बांग्ला और हिंदी दोनों इंडस्ट्री में लंबा और शानदार करियर बनाया। एक्टिंग करते-करते ही मौसमी की शादी कम उम्र में मशहूर सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर हेमंत कुमार के बेटे जयंत मुखर्जी से हो गई थी।
चूंकि उनकी अपनी शादी कम उम्र में हुई थी, इसलिए मौसमी ने अपनी बेटी को शादी में जल्दबाजी न करने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने की सलाह दी है।
जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में मौसमी चटर्जी ने बेटी को दी गई अपनी सलाह के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "मैं अपनी बेटी से कहती हूं, तुम बॉयफ्रेंड रख सकती हो, लेकिन उससे शादी करना जरूरी नहीं है।"
भगवद्गीता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव दुनिया का नियम है। उनका कहना है कि बदलते वक्त के साथ लड़कियों को अपनी जिंदगी के बारे में सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज की लड़कियों को अपने बारे में सोचते वक्त थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है।
मौसमी चटर्जी ने आज के दौर में लड़के और लड़की, दोनों को घर की जिम्मेदारियां सिखाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हम लड़कियों को ससुराल वालों का ख्याल रखना सिखाते हैं, लेकिन लड़कों को घर का काम नहीं सिखाते। उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी कई वजहों से तनाव में रहती है, और सलाह दी कि दूसरों को कुछ साबित करने के लिए खुद पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहिए।
मौसमी ने युवाओं को जिंदगी का मजा लेने के साथ-साथ गलतियों से सीखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, "तुम्हें जो पसंद है वो करो, लेकिन उसकी अति मत करो। अगर तुमसे गलती हो जाए तो उसे दोबारा मत करो और सोच-समझकर फैसला लो।" उनकी इस बात के बाद शादी, रिश्तों और अपनी जिंदगी को लेकर युवा पीढ़ी को सोच-समझकर फैसले लेने का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
मौसमी चटर्जी पहले भी अपनी शादी का एक दिलचस्प किस्सा सुना चुकी हैं। 'बालिका वधू' फिल्म की कामयाबी के बाद उनके पास शादी के कई प्रस्ताव आने लगे थे। उसी दौरान उनकी बीमार मौसी की तबीयत बहुत खराब थी। भवानीपुर में रहने वाली उनकी मौसी को कैंसर था और बीमारी आखिरी स्टेज में पहुंच चुकी थी। उन्होंने मौसमी की शादी में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने मौसमी के होने वाले ससुर हेमंत कुमार का हाथ पकड़कर पूछा था कि क्या वो मौसमी की शादी में शामिल हो पाएंगी।
हेमंत कुमार के हां कहने के बाद मौसमी की शादी महज एक महीने में तय कर दी गई। इस तरह कम उम्र में ही उनकी शादी हो गई। आज इतने सालों बाद वो अपनी बेटी को शादी में जल्दबाजी न करने और अपनी जिंदगी के बारे में सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह देती नजर आती हैं।