मलकापुर में लाखों की टंकी दो साल से सूखी, नदी से पानी ढो रहे लोग; चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
दर्यापुर तालुका के मलकापुर गाँव में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की बनाई टंकी में अब तक पानी नहीं आया। आधे से ज्यादा ग्रामीणों ने आने वाले सभी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
दर्यापुर तालुका के खल्लार परिसर में आने वाले मलकापुर गाँव में पिछले दो साल से पानी की किल्लत गंभीर बनी हुई है। गाँव में लाखों रुपये खर्च करके पानी की टंकी खड़ी की गई, लेकिन उसमें आज तक एक बूँद पानी नहीं आया। नतीजा यह है कि पीने के पानी के लिए गाँव वालों को चंद्रभागा नदी के पात्र पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गाँव के आधे से ज्यादा लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर पानी की समस्या का पक्का हल नहीं निकला, तो वे आने वाले सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पानी की सप्लाई ठीक करने के लिए कई बार मांग की, फिर भी हालात नहीं सुधरे। इसी वजह से प्रशासन के खिलाफ गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। यह टंकी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने दो साल पहले गाँव के लिए बनवाई थी। काम पूरा हुए दो साल से ज्यादा हो गए, पर टंकी में अब तक पानी जमा नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये की यह टंकी उनके लिए सिर्फ दिखावे की इमारत बनकर रह गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों की कथित अनदेखी की वजह से यह समस्या बनी हुई है। एक तरफ टंकी खड़ी है और दूसरी तरफ पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। इससे प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं।
खल्लार परिसर की सप्लाई के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य टंकी चंद्रपुर में है। वहाँ से पानी लांडी गाँव की टंकी में छोड़ा जाता है और फिर मलकापुर को एक दिन छोड़कर पानी देने की व्यवस्था है। लेकिन पिछले दो साल से यह पूरा सिस्टम गड़बड़ हो चुका है। गाँव में नल में पानी नहीं आता, इसलिए महिलाओं और दूसरे ग्रामीणों को चंद्रभागा नदी के पात्र से सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। नदी का पानी पीने के काम आ रहा है, इसलिए उसकी क्वालिटी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। गंदे पानी से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सेहत का सवाल खड़ा हो गया है।
ग्रामीण अशोकराव मोहोड ने बताया, "हम दो साल से ज्यादा वक्त से इस पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। समस्या सुलझाने के लिए कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों से बार-बार मांग की, लेकिन हालात में कोई बदलाव नहीं आया। इसलिए गाँव के आधे से ज्यादा लोगों ने तय किया है कि जब तक पानी का मसला नहीं सुलझता, वे किसी भी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।"
पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दो साल इंतजार करने के बाद भी हल न निकलने से गाँव में भारी नाराजगी है। बार-बार मांग करने पर भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, इसलिए ग्रामीणों ने रुख अपना लिया है कि पानी का मसला सुलझने तक मतदान नहीं होगा। अब मलकापुर के लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।