महाराष्ट्र में बारिश ने फिर ली छुट्टी, कुछ जगह गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद
27 सितंबर को राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है
राज्य में पिछले कुछ दिनों से बारिश का जोर कम हो गया है और कई इलाकों में सूखा, उमस भरा और बादलों वाला मौसम बना हुआ है। 27 सितंबर को महाराष्ट्र में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, हालांकि कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे उन किसानों की चिंता बनी हुई है जो बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कोकण इलाके में भी बारिश ने राहत की सांस ली है। पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगड, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में पिछले कई दिनों से बारिश थमी हुई है। यहां तुरंत-फुरंत हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं। आने वाले दिनों में भी हालात में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है, ऐसा मौसम के अनुमान से साफ है।
उत्तर महाराष्ट्र में भी बारिश की कमी बनी हुई है। धुळे, नंदुरबार, जळगाव और नाशिक जिलों में मौसम सूखा और उमस भरा रहने की संभावना है। घाट इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे इलाके में बारिश होने की गुंजाइश कम है, इसलिए यहां बारिश की तूट बनी हुई है।
पुणे समेत मध्य महाराष्ट्र में भी छिटपुट बारिश की ही उम्मीद है। पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, कहीं-कहीं गरज के साथ भी बारिश आ सकती है। लेकिन 27 सितंबर को इस इलाके के लिए भी भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
मराठवाड़ा में बारिश की कमी का सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है। छत्रपती संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली और नांदेड में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है। लातूर और धाराशिव में कुछ जगह गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश की तूट बनी रहने से फसलों की बढ़वार पर असर पड़ रहा है।
विदर्भ में भी लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, गोंदिया और नागपुर समेत कई इलाकों में बारिश थमी हुई है। कहीं बादल छाए रहेंगे, तो कहीं गर्मी वाला मौसम रहने की संभावना है। इस वजह से विदर्भ में भी ठीक-ठाक बारिश का इंतजार लंबा खिंच रहा है।
कुल मिलाकर, 27 सितंबर को राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है और केवल कुछ ही इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद कुछ जगहों पर बारिश का जोर बढ़ने के आसार हैं, लेकिन पूरे राज्य में बारिश होगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। इसी वजह से बारिश की कमी से परेशान किसानों की नजरें अब आगे के मौसम अनुमान पर टिकी हैं।