महाराष्ट्र में बनेगा देश का पहला स्पेस पार्क, 18 महीने में छोड़े जाएंगे 5 सैटेलाइट
उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने पेरिस में हुई कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र की नई स्पेस पॉलिसी का ऐलान किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में राज्य को दुनिया का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बताया कि देश का पहला स्पेस पार्क अब महाराष्ट्र में बनाया जाएगा, और अगले 18 महीनों में पांच बहुउद्देशीय सैटेलाइट लॉन्च करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में हाल ही में हुई पेरिस वर्ल्ड स्पेस बिजनेस वीक कॉन्फ्रेंस में दुनियाभर की स्पेस कंपनियों के साथ महाराष्ट्र की स्पेस पॉलिसी पर विस्तार से बातचीत हुई। इस कॉन्फ्रेंस में कई अहम फैसले लिए गए, जिनसे राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े उद्योग, रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री डॉ. उदय सामंत का कहना है कि इस पहल से फ्रांस और भारत के बीच पुराने औद्योगिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र में मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्पेस सेक्टर में महाराष्ट्र की अलग पहचान बनाने के लिए यह पॉलिसी लागू की जा रही है। डॉ. उदय सामंत ने साफ किया कि उद्योग, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और रोजगार, इन सबको साथ लेकर सरकार महाराष्ट्र को देश के स्पेस सेक्टर का बड़ा केंद्र बनाना चाहती है।
इस स्पेस पॉलिसी के पीछे राज्य के युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा करना और बेरोजगारी कम करना मुख्य मकसद बताया गया है। सरकार देश की पहली अनोखी स्पेस पॉलिसी को हकीकत में लाने की तैयारी में है और दुनिया की बड़ी स्पेस कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में बड़े पैमाने पर उद्योग लगेंगे, जिससे हजारों करोड़ रुपये का कारोबार होगा और अच्छा-खासा रेवेन्यू भी मिलेगा।
राज्य सरकार जो पांच बहुउद्देशीय सैटेलाइट बनवा रही है, वे सिर्फ स्पेस रिसर्च तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनका इस्तेमाल आम जिंदगी से जुड़े कई क्षेत्रों में किया जाएगा। खेती के विकास, पर्यावरण की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, शहरी योजना, हेल्थकेयर और इंडस्ट्री की सटीक प्लानिंग के लिए इन सैटेलाइट से मिलने वाली जानकारी काम आएगी। डॉ. उदय सामंत ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, और आने वाले समय में इससे 1 हजार करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सैटेलाइट प्रोजेक्ट को कामयाबी से लागू करने के लिए जरूरी तकनीकी पहलुओं को देखते हुए राज्य की अलग-अलग जगहों का शुरुआती सर्वे किया जा चुका है। स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मौके, रिसर्च और उद्योगों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म देने के मकसद से आने वाले फरवरी महीने में महाराष्ट्र में इंटरनेशनल लेवल का स्पेस फेस्ट भी आयोजित किया जाएगा।