महाराष्ट्र में 22 से 25 सितंबर तक बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट, दर्जनों जिले प्रभावित
मुंबई मौसम विज्ञान केंद्र ने मानसून की विदाई से पहले राज्य के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
महाराष्ट्र में मानसून जाते-जाते फिर तेवर दिखा रहा है। मुंबई मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि 22 से 25 सितंबर तक राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक, तूफानी हवाओं और बारिश का सिलसिला बना रहेगा। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के दर्जनों जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक इन चार दिनों में मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, मराठवाड़ा और विदर्भ के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, इसलिए प्रशासन ने अलर्ट को गंभीरता से लेने की अपील की है।
22 सितंबर को नासिक, नासिक घाट, अहिल्यानगर, ठाणे, रायगड, पुणे घाट, पुणे, सतारा, सतारा घाट, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाट, सांगली, सोलापुर, बीड, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, परभणी, हिंगोली, यवतमाल, चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा और गड़चिरोली जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
23 सितंबर के लिए भी करीब-करीब यही जिले सूची में हैं, साथ ही जालना, वाशिम, बुलढाणा, अकोला और अमरावती को भी इसमें जोड़ा गया है, जबकि ठाणे इस दिन की सूची में शामिल नहीं है। कुल मिलाकर नासिक, नासिक घाट, अहिल्यानगर, रायगड, पुणे घाट, पुणे, सतारा, सतारा घाट, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाट, सांगली, सोलापुर, बीड, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, जालना, परभणी, वाशिम, बुलढाणा, अकोला, हिंगोली, अमरावती, यवतमाल, चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा और गड़चिरोली में येलो अलर्ट है।
24 सितंबर को अलर्ट वाले जिलों की सूची कुछ छोटी हो जाती है, जिसमें सतारा, सतारा घाट, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाट, लातूर, नांदेड़, जालना, परभणी, वाशिम, बुलढाणा, अकोला, हिंगोली, अमरावती, यवतमाल, चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा और गड़चिरोली शामिल हैं।
25 सितंबर को अलर्ट सिमटकर वाशिम, बुलढाणा, अकोला, हिंगोली, अमरावती, यवतमाल, चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा और गड़चिरोली जिलों तक रह जाता है।
इस पूरे अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खास सावधानी बरतने को कहा है। बिजली चमकते समय खुले मैदानों, पेड़ों या लोहे के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। साथ ही बारिश और बिजली कड़कने के दौरान टीवी, फ्रिज और मोबाइल चार्जिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखने को कहा गया है। घाट वाले इलाकों और जलजमाव वाली सड़कों पर गाड़ी चलाते वक्त भी ज्यादा सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में कटी हुई फसलों को सुरक्षित जगह ढककर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो।